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पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी से जुड़े मामले में आया नया मोड़, सरकार गवाह बनने की याचिका खारिज
Sat, 08 Aug 2020 01:47 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 08 Aug 2020 01:47 PM IST
सार
- मुल्तानी अपहरण केस में नामजद यूटी पुलिस के तीन पूर्व मुलाजिमों की अर्जी खारिज
- सरकारी गवाह बनने के लिए दी थी अर्जियां, जांच एजेंसी से जरिये नहीं भेजी थी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पूर्व सीनियर आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण के मामले में अदालत में चल रहे केस में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। जिसमें पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के साथ केस में नामजद यूटी पुलिस के पूर्व पुलिस मुलाजिम जागीर सिंह, हरसहाय शर्मा और कुलदीप सिंह की सरकारी गवाह बनने की अर्जियां अदालत ने खारिज कर दी हैं।
अदालत ने कहा है कि इस मामले में आरोपियों ने सीधे तौर गवाह बनने की अर्जियां दायर कर धारा-164 के तहत बयान दर्ज करवाए थे। जबकि नियमों के मुताबिक सरकारी गवाह बनने के लिए जांच एजेंसी के जरिये अर्जियां भेजनी चाहिए थीं। इसके बाद जांच एजेंसी पड़ताल कर अदालत में सरकारी गवाह बनने की अर्जी लगा सकती है।
इसके साथ ही जांच एजेंसी को सरकारी गवाह बनने के लिए अर्जियां दायर करने को कहा गया है। हालांकि अदालत में जब सुनवाई हुई तो जबरदस्त बहस हुई। जिसमें पुलिस की बनाई एसआईटी ने इस संबंधी कोई एतराज नहीं किया। अदालत ने सरकारी पक्ष व आरोपियों की दलीलें सुनकर शाम को अर्जियां खारिज कर दी।
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इस मामले में पूर्व डीजीपी सैनी को जमानत मिली हुई है। उन्होंने पुलिस जांच ज्वाइन कर ली है। जबकि उक्त लोगों ने कुछ समय पहले सरकारी गवाह बनने के लिए बयान दर्ज करवाए थे और सरकारी गवाह बनने की अर्जी दायर की थी। जिसे खारिज कर दिया गया है।
हालांकि पंजाब पुलिस पूर्व डीजीपी को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। जिसके लिए पहले इस केस से जुड़ा रिकॉर्ड सीबीआई से लेने के लिए अदालत तक गई थी।
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अदालत ने कहा है कि इस मामले में आरोपियों ने सीधे तौर गवाह बनने की अर्जियां दायर कर धारा-164 के तहत बयान दर्ज करवाए थे। जबकि नियमों के मुताबिक सरकारी गवाह बनने के लिए जांच एजेंसी के जरिये अर्जियां भेजनी चाहिए थीं। इसके बाद जांच एजेंसी पड़ताल कर अदालत में सरकारी गवाह बनने की अर्जी लगा सकती है।
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इसके साथ ही जांच एजेंसी को सरकारी गवाह बनने के लिए अर्जियां दायर करने को कहा गया है। हालांकि अदालत में जब सुनवाई हुई तो जबरदस्त बहस हुई। जिसमें पुलिस की बनाई एसआईटी ने इस संबंधी कोई एतराज नहीं किया। अदालत ने सरकारी पक्ष व आरोपियों की दलीलें सुनकर शाम को अर्जियां खारिज कर दी।
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इस मामले में पूर्व डीजीपी सैनी को जमानत मिली हुई है। उन्होंने पुलिस जांच ज्वाइन कर ली है। जबकि उक्त लोगों ने कुछ समय पहले सरकारी गवाह बनने के लिए बयान दर्ज करवाए थे और सरकारी गवाह बनने की अर्जी दायर की थी। जिसे खारिज कर दिया गया है।
हालांकि पंजाब पुलिस पूर्व डीजीपी को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। जिसके लिए पहले इस केस से जुड़ा रिकॉर्ड सीबीआई से लेने के लिए अदालत तक गई थी।