लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Administrator said we are in favor of free hold

Chandigarh: पहली बार प्रशासक ने बुलाई प्रेसवार्ता, बोले- हम शुरू से फ्री होल्ड के पक्ष में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 07 Sep 2022 09:37 AM IST
सार

प्रशासक ने कहा कि नियमों के तहत राज्यपाल लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने संबंधी फैसला ले सकते हैं इसलिए हमने आगे फ्री होल्ड पर ही नीलामी पर करने का फैसला लिया। पहले के राज्यपाल के पास भी शक्ति थी लेकिन उन्होंने मामला दिल्ली भेज दिया।

चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित।
चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रशासक का पद संभालने के बाद बनवारीलाल पुरोहित ने मंगलवार को पहली बार प्रेसवार्ता की और स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ प्रशासन पहले दिन से ही व्यावसायिक और इंडस्ट्रियल लीज होल्ड संपत्तियों को फ्री होल्ड करने के पक्ष में है। इसी वजह से गृह मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा।



आगे कहा कि कहीं कोई गलती हुई जिससे सुप्रीम कोर्ट में दिए गए एक्शन टेकन रिपोर्ट के संलग्नक (एनेक्सचर) में कोई पुराना पेपर लग गया। इस गलती को सुधारने के लिए अधिकारी दिल्ली तक गए।


यूटी सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रशासक पुरोहित ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन में सभी चाहते हैं कि संपत्तियां फ्री होल्ड हो जाएं। चंडीगढ़ के विकास के लिए संपत्तियों का फ्री होल्ड होना जरूरी है। फ्री होल्ड होने से लोगों के अंदर यह भावना आएगी कि संपत्ति उनकी है। उद्योग आगे बढ़ेंगे इसलिए अब जो भी नीलामी हो रही है वह पूरी तरह से फ्री होल्ड के आधार पर ही हो रही है।

प्रशासक ने दोहराया कि वह पहले दिन से फ्री होल्ड के समर्थन में हैं। सुप्रीम कोर्ट को दिए एक्शन टेकन रिपोर्ट में पुराना पेपर लगने की गलती ठीक कराने के लिए डीसी विनय प्रताप सिंह दिल्ली गए और उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। सलाहकार धर्मपाल भी खुद कई बार दिल्ली गए और मामले को हल कराने का प्रयास किया।

पहले के राज्यपाल के पास भी शक्ति थी
प्रशासक ने कहा कि नियमों के तहत राज्यपाल लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने संबंधी फैसला ले सकते हैं इसलिए हमने आगे फ्री होल्ड पर ही नीलामी पर करने का फैसला लिया। पहले के राज्यपाल के पास भी शक्ति थी लेकिन उन्होंने मामला दिल्ली भेज दिया।

खुद फैसला नहीं लिया। पुरोहित ने कहा कि लेकिन वह लोगों की मदद करना चाहते थे इसलिए फ्री होल्ड के पक्ष में खड़े हुए और फैसला लिया लेकिन अब कुछ असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, जिसको स्पष्ट करने के लिए ही उन्होंने प्रेसवार्ता बुलाई है।

फायदे- नुकसान पर धर्मपाल ने दिया जवाब
एक्शन टेकन रिपोर्ट में प्रशासन की ओर से बताए गए फायदे और नुकसान के मुद्दे पर सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि मंत्रालय में जब भी कोई मामला जाता है तो उसके सभी पक्षों को देखा जाता है इसलिए प्लस और माइनस प्वाइंट्स को ज्यादा हाइलाइट नहीं करना चाहिए क्योंकि प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा प्रशासन फ्री होल्ड का समर्थन करता है।

अगर प्रशासन नहीं चाहता तो फ्री होल्ड कराने के लिए प्रस्ताव ही क्यों भेजता। कहा कि किसी भी चीज के फायदे और नुकसान तय करने की एक प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया का पालन हर जगह होता है। अब गृह मंत्रालय सभी तरह के पहलुओं को देखने के बाद ही आखिरी फैसला लेगा, जिसका सभी को इंतजार करना चाहिए। बताया गया कि सलाहकार धर्मपाल बुधवार को फिर दिल्ली जाएंगे और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

जानिए क्या है फायदे और नुकसान का मुद्दा
8 अगस्त 2022 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फ्री होल्ड के मुद्दे पर प्रशासन से पांच सवाल पूछे थे। एक तो यह पूछा था कि फ्री होल्ड करने के फायदे और नुकसान क्या हैं। इस पर प्रशासन ने फ्री होल्ड के दो फायदे और नुकसान पांच गिनाए थे। इसके साथ ही दो जनवरी 2015 में तत्कालीन प्रशासक द्वारा फ्री होल्ड नहीं किए जाने के नोट का भी जिक्र किया गया था।
 
नुकसान के प्वाइंट पर कहा था कि फ्री होल्ड करने पर प्रशासन के पास संपत्ति कम हो जाएगी, ग्राउंड रेंट और अनर्जित लाभ मिलना बंद हो जाएगा, जिससे राजस्व का नुकसान होगा। वहीं, फ्री होल्ड होते ही कई संपत्तियां बिक जाएंगी, कोर्ट केस भी बढ़ सकते हैं। इस दस्तावेज को सुप्रीम कोर्ट में सौंपा गया, जिसे कोर्ट ने ठीक नहीं माना था।

चंडीगढ़ में लीज होल्ड संपत्ति
  • व्यावसायिक - 6621
  • औद्योगिक - 1451
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

क्षमा करें यह सर्विस उपलब्ध नहीं है कृपया किसी और माध्यम से लॉगिन करने की कोशिश करें

;

Followed

;