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Hindi News ›   Chandigarh ›   Food Licence may Prepared till 4 Feb 2015

फूड लाइसेंस बनवाना है तो व्यापारी पढ़ें गुड न्यूज

Tue, 05 Aug 2014 03:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 Aug 2014 03:57 PM IST
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Food Licence may Prepared till 4 Feb 2015

चंडीगढ़ के एक हजार से ज्यादा छोटे दुकानदारों को फूड लाइसेंस को लेकर राहत मिल गई है। इन दुकानदारों और छोटे विक्रेताओं को फूड सेफ्टी लाइसेंस चार अगस्त तक बनवाना था। अब इन दुकानदारों को फूड लाइसेंस के चार फरवरी तक का समय मिल गया है।

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यह दुकानदार लाइसेंस के लिए आवश्यक डाक्युमेंट और एनओसी नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उनका लाइसेंस भी नहीं बन सका। दुकानदारों का कहना है कि छह महीने के दौरान उनके पास वक्त है कि वह आवश्यक कागजात तैयार कर लेंगे और नगर निगम से एनओसी भी हासिल कर लेंगे।
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चंडीगढ़ के मनीमाजरा और कजेहड़ी में काम करने वालों छोटे दुकानदारों की मुसीबत है कि वह ऐसे इलाकों में काम कर रहे हैं जिनका विकास योजनाबद्ध ढंग से नहीं किया गया।
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नई दिल्ली से मिली क्लीयरेंस
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरंजीव सिंह ने बताया कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल द्वारा छोटे दुकानदारों के लिए फूड लाइसेंस की तिथि को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखा गया। उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी द्वारा चार फरवरी 2015 तक के लिए फूड लाइसेंस बनवाने की तिथि को बढ़ा दिया गया है।

कोट्स.............
छोटे दुकानदारों के लिए फूड लाइसेंस के नियमों को असान करना आवश्यक है। इसमें लाइसेंस के लिए क्वालिटी को आधार बनाए तो बेहतर होगा।
रामकरण गुप्ता, एडवाइजर, चंडीगढ़ व्यापार मंडल

मनीमाजरा और कजेहड़ी के साथ चंडीगढ़ के इलाके ऐसे हैं, जहां लोग अपने घरों के बाहर ही दुकानों से काम करते हैं। ऐसी स्थिति में इनके लिए नियम आसान करने चाहिए। राजीव मानचंदा, व्यापारी केंद्र सरकार ने राहत दी, यह खुशी की बात है। हम कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द छोटे दुकानदारों को फूड लाइसेंस मिल सकें।

ओम प्रकाश बुद्धिराजा, दुकानदार

टिफिन वालों का क्या होगा
घर से टिफिन का काम करने वालों के लिए फूड लाइसेंस लेना मुसीबत भरा है। इनके पास दुकान हैं नहीं। ऐसी स्थिति में यह औपचारिकताएं नहीं पूरी कर पाते। इसी तरह चंडीगढ़ में रेहड़ी और फड़ी पर खाना बेचने वालों के लिए भी किसी प्रकार का प्रमाण मुहैया करवाना मुश्किल है।

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