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Hindi News ›   Chandigarh ›   Focus on providing clean drinking water to every household in Haryana budget 2023

Haryana Budget: घर-घर तक स्वच्छ पेयजल, 5,017 करोड़ रुपये आवंटित, बड़े गांवों में बिछेगी सीवरेज लाइन

Thu, 23 Feb 2023 10:51 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 23 Feb 2023 10:51 PM IST
सार

राज्य सरकार ने 10,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीवरेज प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से महाग्राम योजना शुरू की है। सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 132 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें से 36 गांवों में कार्य प्रगति पर है।

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Focus on providing clean drinking water to every household in Haryana budget 2023
Haryana Budget 2023 - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

बजट में हरियाणा के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित किया है और इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 5,017 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। बजट में केंद्र सरकार के वर्ष 2024 तक हर घर को नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को हरियाणा ने वर्ष 2022 में ही प्राप्त कर लिया है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन और शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है। इसके लिए बजट में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी क्षेत्र को 5,017 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

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महाग्राम योजना के तहत बड़े गांव में सीवरेज लाइन डाली जाएगी
राज्य सरकार ने 10,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीवरेज प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से महाग्राम योजना शुरू की है। सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 132 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें से 36 गांवों में कार्य प्रगति पर है। 85 नगरों में 100 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने के लक्ष्य में से जनवरी, 2023 तक 75 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और शेष कार्य भी इसी वित्त वर्ष में पूरा होने की संभावना है। 
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आगामी वित्त वर्ष के दौरान 100 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने के लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने बिजली संयंत्रों, उद्योगों, सिंचाई और नगर पालिकाओं द्वारा गैर-पेय प्रयोजनों के लिए उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करने के लिए एक नीति तैयार की है। अब तक, हरियाणा में 170 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन 1985 मिलियन लीटर अपशिष्ट जल उत्पन्न करते हैं। इस समय 187 एमएलडी उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग गैर-पेय उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। सरकार ने उन क्षेत्रों के लिए उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग के लिए टैरिफ भी अधिसूचित किया है, जहां इसका उपयोग हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण द्वारा अनिवार्य किया गया है।
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  • प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज भी बनेंगे
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  • प्रदेश के सात जिलों में सैनिकों के लिए सुविधाओं से लैस होंगे सैनिक सदन
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