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पंजाब के 13 जिले बाढ़ की चपेट में, चार हजार हेक्टेयर फसल तबाह, जन जीवन भी अस्त-व्यस्त

Wed, 21 Aug 2019 02:16 AM IST
ajay kumar अखिल तलवार, अमर उजाला, फिरोजपुर/लुधियाना/संगरूर/चंडीगढ़ (पंजाब)
अखिल तलवार, अमर उजाला, फिरोजपुर/लुधियाना/संगरूर/चंडीगढ़ (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 21 Aug 2019 02:16 AM IST
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Floods In Punjab, Many Distt Of Punjab Affected With Floods
पंजाब में बाढ़ के हालात - फोटो : अमर उजाला

पंजाब में बाढ़ से अब तक चार हजार हेक्टेयर फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इसके कई गुना ज्यादा फसलें पानी में डूबी हुई हैं। धान, मक्की और चारे को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सूबे में 17-19 अगस्त को हुई तेज बारिश और बांध से छोड़े गए पानी के बाद खेतीबाड़ी विभाग ने सभी जिलों से प्राथमिक रिपोर्ट मंगवाई है। 

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इसके अनुसार 3999 हेक्टेयर में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। वहीं 24112 में हेक्टेयर फसलें अभी पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। इस तरह नुकसान काफी ज्यादा होने की आशंका है। सूबे के 13 जिले बाढ़ की चपेट में आए हैं। इनके कुल 561 गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा तबाही रोपड़ और मोगा में हुई है। 
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रोपड़ में 1715 एकड़ और मोगा में 1688 एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं। लुधियाना जिले में सबसे ज्यादा 4620 एकड़ फसल पानी में डूबी है। यहां के 72 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। रोपड़ जिले के सबसे ज्यादा 95 गांव प्रभावित हुए हैं। माझा में बाढ़ का प्रभाव ज्यादा नहीं है। धान, मक्की, चारे को ज्यादा नुकसान हुआ है। इसका आकलन बाद में होगा कि किस फसल का कितना रकबा बर्बाद हुआ है।

बारिश नहीं, भाखड़ा के पानी से हुआ नुकसान
खेतीबाड़ी विभाग की रिपोर्ट में सामने आया है कि 17 से 19 अगस्त को पंजाब में तेज बारिश से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था बल्कि भाखड़ा बांध से सतलुज में छोड़े गए पानी ने फसलों को ज्यादा प्रभावित किया। इस पानी से नदी के बांधों में दरारें आ गईं। दूसरी डिस्ट्रीब्यूटरी के साथ भी ऐसा हुआ जिससे खरीफ की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई।

धुस्सी बांध में पड़ी दरार, फिरोजपुर में 12 गांव बाढ़ से प्रभावित

Floods In Punjab, Many Distt Of Punjab Affected With Floods

मक्खू के गांव मानोमाछी की तरफ से धुस्सी बांध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया। मक्खू में चार सौ परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सभी ग्रामीणों को एनडीआरएफ और सेना के जवानों ने नाव के जरिए सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। धुस्सी बांध की खस्ता हालत की कई बार खबरें प्रकाशित हुई थी लेकिन जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया गया। 

बाढ़ के पानी से फिरोजपुर के बारह गांव प्रभावित हुए हैं। गांव निहाले निवेरा और धीराघारा के कई ग्रामीणों को सेना ने नाव के जरिए सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया, जबकि अधिकतर ग्रामीण मकानों की छतों पर सामान लेकर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षित जगहों पर जाते हैं तो उनका सामान चोरी हो जाएगा।

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मक्खू निवासी बलवंत सिंह व हरजीत सिंह ने बताया कि सोमवार रात लगभग दो बजे पानी हरिके पत्तन हैड में पहुंच गया, पानी धुस्सी बांध के ऊपर के हिस्से को छू रहा था। बांध की हालत खस्ता होने के कारण उसमें दरार पड़ गई और टूट गया। बांध टूटने से मक्खू के कई गांवों में पानी घुस गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और सेना के जवान नाव लेकर गांवों में पहुंचे और रात को ही ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।

ग्रामीण जगतार सिंह व अवतार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन उनके पशुओं के खाने के लिए हरे चारे का कोई प्रबंध नहीं कर रहा है। जो लोग सुरक्षित जगहों पर आए हैं उनके भी खानपान की व्यवस्था नहीं हुई है।

ग्रामीण संतोख सिंह व छिंदो बाई ने कहा कि पानी से गांव निहाला निवेरा, धीराघारा, कामलवाला, कालू वाला, टली, बंडाला, मुठियांवाला, टिंडी वाला के अलावा ऐसे बारह गांव प्रभावित हैं, यहां पर जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कई गांवों में आठ से दस फुट पानी भर गया है। फिरोजपुर के सीमांत गांव निहालेवाला में पानी घुस गया। लोग अपने घरेलू सामान के साथ मकानों की छतों पर चढ़ गए। 

संगरूरः अमरगढ़ की जीत कालोनी में घुसा पानी, लोग बेहाल
भारी बारिश और पीछे से आ रहे पानी के कारण अमरगढ़ की जीत कालोनी के लोगों के घरों में पानी घुस गया। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व पंच जीत सिंह, नरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, सफी खान, बलवीर दास ने बताया कि ज्यादा बारिश होने के कारण पानी लोगों के घरों में दाखिल हो गया। किसानों की धान की फसल पानी में पूरी तरह से डूब गई। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल लोगों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

भवानीगढ़ में 1500 एकड़ फसल बर्बाद
घाबदां ड्रेन के पानी से भवानीगढ़ क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की करीब 1500 एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिंगला कई गांवों का दौरा करके पीड़ित किसानों से बातचीत की और फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी करने के आदेश दिए।

कैबिनेट मंत्री सिंगला ने भवानीगढ़ बलाक के गांव गहलां, नंदगढ़, दितुपुर और महिसमपुर का दौरा करते हुए पानी में डूबी धान की फसल का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की। कैबिनेट मंत्री सिंगला ने बताया ड्रेन से निकले पानी की वजह से इन गांवों की करीब 1500 एकड़ के करीब फसल का नुकसान हुआ है। किसानों की फसल की भरपाई के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए गए। 

लुधियानाः सतलुज दरिया से कुछ राहत, अब बुड्ढा नाले में उफान
सतलुज दरिया का जलस्तर कुछ कम होने पर अभी लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि मगंलवार को लुधियाना के बीच से गुजरने वाले बुड्ढा दरिया ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। बुड्ढा दरिया का पानी ओवर फ्लो होकर ताजपुर रोड एरिया में घुस गया है। 

समय रहते निगम की टीम ने मौके पर पहुंच स्थिति को काबू में पा लिया। इस दौरान ताजपुर जेल के सामने बनी 200 झोपड़ियों में एक फुट तक पानी भर गया है लेकिन बुड्ढा दरिया में जलस्तर इतना चढ़ चुका है कि कई जगह पर पानी इस पर बनी पुलियों को छूने लगा है। 

गौर हो कि 1960 के दशक में बुड्ढा नाले को बुड्ढा दरिया कहा जाता था। माछीवाड़ा से शुरू होकर लुधियाना शहर के बीच से गुजरते हुए यह दरिया गांव बलिपुर में जाकर दोबारा सतलुज दरिया में मिलता है। बरसात के मौसम में माछीवाड़ा से बरसात का पानी बुड्ढा दरिया से होते हुए सतलुज दरिया में पहुंचता है। 

अब बुड्ढा दरिया में लुधियाना शहर का सीवरेज और इंडस्ट्री का दूषित पानी धड़ल्ले से गिरता है। बीते दिनों भाखड़ा से छोड़ा गया पानी बुड्ढा दरिया में पहुंच गया है इसलिए बुड्ढा दरिया पूरे उफान पर आ गया है। 

माछीवाड़ा, समराला और कूमकला एरिया में बीते दिनों हुई भारी बारिश का पानी सतलुज दरिया में नहीं जा सका था। इस वजह से यहां पर भरा पानी अब बुड्ढा दरिया से पहुंच गया है। बुड्ढा दरिया उफान पर चल रहा है। ताजपुर रोड और गांव बलिपुर में दरिया का पानी ओवर फ्लो हुआ था लेकिन उस पर काबू पा लिया गया है। अब सतुलज दरिया में 90 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। बुड्ढा दरिया के पानी की निकासी मंगलवार सुबह से तेज हो गई है।  हरजोत सिंह वालिया, एक्सईएन ड्रेनेज

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