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कैप्टन ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई दौरा, एडीबी और विश्व बैंक से लेंगे तकनीकी मदद

Thu, 22 Aug 2019 09:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी/ लुधियाना/चमकौर साहिब/फाजिल्का (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी/ लुधियाना/चमकौर साहिब/फाजिल्का (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 22 Aug 2019 09:29 PM IST
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Flood Like Situation Continues In Punjab, CM Amarinder Singh Seen flood affected Areas
कैप्टन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए सूबा सरकार विश्व बैंक व एशियन डेवलेपमेंट बैंक की तकनीकी मदद लेगी। इससे नहरों की तर्ज पर सूबे के दरियाओं के किनारे को बांधा जाएगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी सब-तहसील के गांव सरूपवाल का दौरा कर रहे थे जहां सतलुज दरिया में जलस्तर बढ़ने से धुस्सी बांध में टूट गया था। 

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इससे 62 गांवों को पानी की मार झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने जलस्तर घटने पर तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने का भी वादा किया। सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ग्रस्त इलाकों में हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने एलान किया कि नदियों के बहाव के रास्ते जरूरत के अनुसार तब्दील किए जाएंगे। 
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दरियाओं के किनारों को भी मजबूत और चौड़ा किया जाएगा, जिससे बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रभावित इलाकों में गांव स्तर पर राहत टीमें तैनात करने का भी एलान किया। हर टीम स्वास्थ्य, सिविल सप्लाई और पशु धन विभागों के अधिकारियों पर आधारित होंगी, जो गांवों के प्रभावित परिवारों के लिए खाना, दवाएं और पशुओं के लिए चारों की निरंतर और समय पर सप्लाई को यकीनी बनाएगी। 

Flood Like Situation Continues In Punjab, CM Amarinder Singh Seen flood affected Areas

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के समागमों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा और उनकी सरकार इस एतिहासिक मौके को पूरे उत्साह से मनाने के लिए तैयार है। 

केंद्र मदद नहीं करती तो हम करेंगे: कैप्टन
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यदि केंद्र सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मदद नहीं करती तो राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति की सहायता को यकीनी बनाएगी। मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विशेष राहत पैकेज की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम तौर पर भाखड़ा डैम की भंडारण की क्षमता सितंबर में पूरी होती थी लेकिन यह पहली बार है कि अगस्त में ही जलस्तर तय क्षमता को पार कर गया। 

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मुख्यमंत्री ने ड्रेनेज के चीफ इंजीनियर संजीव गुप्ता को शाहकोट सब-डिवीजन में पड़ी दरार को भरे जाने तक लोहियां स्टेशन न छोड़ने का आदेश दिया। वहीं ड्रेनेज सर्किल के निगरान इंजीनियर टीपी सिंह की बदली के आदेश भी दिए। उनकी जगह पर मनजीत सिंह कार्यभार संभालेंगे।
 
रेत माफिया की सरगर्मी और सरकार की नालायकी ने दिया बाढ़ को न्यौता: सुखबीर
पूर्व डिप्टी सीएम और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि रेत माफिया की सरगर्मी और पंजाब सरकार की नालायकी का खामियाजा मंड एरिया के लोगों को बाढ़ के रूप में भुगतना पड़ा है। सुखबीर सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ग्रस्त एरिया गांव आहलीकलां, आहलीखुर्द, अल्लूवाल, सरुपवाल, शेखमांगा, शाहवाल अंदरीसा के दौरे पर थे। 

इस दौरान मीडिया से बातचीत में सुखबीर ने कहा कि सूबा सरकार व जिला प्रशासन ने अग्रिम प्रबंध किए होते तो इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता लेकिन कैप्टन सरकार ने ढाई साल में बांधों की मरम्मत, दरियाओं व नदी-नालों को चौड़ा करने पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। केंद्र की ओर से बाढ़ पीड़ितों की हरसंभव मदद की जाएगी। 

पंजाब सरकार ने अभी तक केंद्र को कोई प्रपोजल बनाकर नहीं भेजा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल शुक्रवार को 10 ट्रक राहत सामग्री लेकर सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाएंगी। 

बुड्ढा दरिया का कहर: शिवपुरी इलाके में 5 दिन से कर्फ्यू से हालात
बुड्ढा दरिया के कहर का नतीजा है कि लुधियाना के शिवपुरी एरिया में बीते 5 दिन से कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। दरिया का पानी ओवरफ्लो होकर इस एरिया में घुस चुका है, जिसका नतीजा है कि मेन बाजार की सभी दुकानें पिछले पांच दिन से बंद हैं। गुरुवार को हलका विधायक राकेश पांडे जब शिवपुरी एरिया में गए, तो लोगों ने उनका विरोध किया। इस पर विधायक पांडे सिर्फ इतना कहकर चलते बने कि यह प्राकृतिक आपदा है। इसका हल होना मुश्किल है। 

शिवपुरी निवासी बंसी लाल के घर में बीते 5 दिन से पानी भरा हुआ है। बंसी लाल कहते हैं कि निगम की तरफ से कोई हल नहीं किया जा रहा है। कोई अधिकारी यहां उनकी हालत देखने नहीं पहुंचा है। पानी से बहुत दुर्गंध आ रही है। बसंत नगर निवासी सिकंदर गौतम के अनुसार पांच दिन से उनके घर के बाहर पानी जमा है। घर से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन का कोई अधिकारी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा है।

प्राकृतिक नहीं मानव निर्मित आफत है: खैरा
शिवपुरी इलाका निवासियों का हाल जानने पहुंचे विधायक सुखपाल खैरा ने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानव निर्मित आपदा है। इस एरिया में हर साल यही हाल होता है, तो प्रशासन ने पहले काम क्यों नहीं किया। चाहे बादल सरकार हो या फिर अब कैप्टन सरकार बुड्ढा दरिया की सार कोई नहीं ले रहा है। 

मत्तेवाड़ा में सतलुज दरिया पर अब सेना ने संभाला मोर्चा 
लुधियाना के गांव मत्तेवाड़ा में सतुलज दरिया के उफान को देखते प्रशासन ने सेना को बुलाया। सेना अब दरिया पर पैनी नजर रखने के साथ कटाव को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। सेना के इस काम में ग्रामीण भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। बुधवार सुबह चार बजे अचानक गांव मत्तेवाड़ के पास सतलुज के किनारों पर कटाव शुरू हो गया। 

गांव के सरपंच की जब इस स्थिति पर नजर पड़ी तो उन्होंने तुरंत गांव में जाकर अनाउंसमेंट करवाकर लोगों को मौके पर पहुंचने के लिए कहा। कटाव की खबर लगते ही लोग अपने ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कटाव की जगह पर पेड़ गिराकर किसी तरह मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही मामले की जानकारी जिला प्रशासन को मिली वह तुरंत मौके पर पहुंचा।

सतलुज दरिया का बांध टूटने के कगार पर : बेला के 40 गांव पर खतरा
रोपड़ के ब्लाक चमकौर साहिब के कस्बा बेला में सतलुज दरिया का बांध खुल रहा है और यह बांध टूटने की कगार पर पहुंच गया है। अगर ऐसा हुआ तो बेला के 40 गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं। जिले के डीसी सुमित जारंगल और एसएसपी स्वप्न शर्मा ने दरिया के किनारे का जायजा लिया और मरम्मत शुरू करवाने की बात कही। 

फाजिल्का: गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा
फाजिल्का में भी बाढ़ से सतलुज के किनारे पर बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगीं हैं। बुधवार देर रात से सतलुज का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसने अब तक छह गांवों की फसलों को अपनी चपेट में ले लिया है। हालांकि दरिया का पानी किनारे पर बसी ढाणियों तक नहीं पहुंचा है लेकिन फिर भी जिला प्रशासन बढ़ रहे जलस्तर से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है।

 पानी से प्रभावित गांव रेते वाली भैनी, झंगड़ भैनी, ढाणी राम सिंह वाली के लोगों ने कहा कि हर वर्ष ही बाढ़ का खतरा रहता है। एसडीएम सुभाष खटक ने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। दरिया का जलस्तर बढ़ा है लेकिन पीछे से पानी कम हो गया है, जिस कारण धीरे-धीरे जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। 13 सरहदी गांवों में पहले से ही अलर्ट जारी है और प्रशासन भी इन गांवों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। 

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