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यात्री खफा लेकिन रेलवे को फ्लैक्सी फेयर से हो रहा है गज़ब का फायदा, यकीं न हो तो देखिए

Sun, 09 Apr 2017 09:11 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 09 Apr 2017 09:11 AM IST
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flexi fare system in Luxury trains, railways got big profit
फ्लैक्सी फेयर से रेलवे की बल्ले-बल्ले - फोटो : File Photo
लग्जरी ट्रेनों (दुरंतो, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस) में डायनमिक फेयर के नाम से वसूले जा रहे फ्लैक्सी किराए ने भले ही रेलवे को मालामाल कर दिया हो, लेकिन यात्रियों को इसने भारी चपत लगाई है। रेलवे ने मात्र 203 दिन में 311 करोड़ की कमाई की है। डायनमिक फेयर वसूलने के बावजूद यात्रियों को इन ट्रेनों में कोई खास सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। 
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नार्दर्न रेलवे के एजीएम वेदपाल का मानना है कि फ्लैक्सी फेयर से राजस्व में इजाफा हुआ है। इस मसले पर आगे क्या फैसला लेना है, इस पर रेलवे बोर्ड विचार कर रहा है। उधर, अंबाला रेल मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार कहते हैं कि यह फैसला रेलवे को आर्थिक  रूप में मजबूत करने के लिए लिया गया है। लेकिन यात्रियों की सुविधा और सहूलियतें रेलवे के लिए सर्वोपरि हैं। इसे देखते हुए इस मसले पर मंथन चल रहा है।
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ट्रायल पीरियड में ही शानदार कमाई
रेलवे की ओर से 9 सितंबर 2016 को फ्लैक्सी फेयर वसूलना शुरू किया गया था। उसने ट्रायल पीरियड के दौरान शानदार कमाई की। रेलवे ने गत वर्ष 9 सितंबर से 31 मार्च 2017 तक , महज 203 दिनों में डायनमिक फेयर से 311 करोड़ की कमाई की। इसके अतिरिक्त रेलवे ने हाल ही में इस फ्लैक्सी फेयर के अंतर्गत विकल्प स्कीम भी शुरू की थी। जिसके तहत यदि संबंधित दिन और समय के दौरान किसी स्टेशन से दुरंतो, शताब्दी और राजधानी में एसी कोच का टिकट नहीं मिलता है, तो यात्री को उसी समय उसी स्टेशन से जाने वाली किसी अन्य ट्रेन का एसी टिकट मिल जाएगा। लेकिन उसमें भी किराया फ्लैक्सी ढंग से ही लागू होता है। इससे भी रेलवे ने खासी कमाई की।
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इस तरह वसूला जाता है फ्लैक्सी फेयर

flexi fare system in Luxury trains, railways got big profit
रेल - फोटो : अमर उजाला
इस तरह वसूला जाता है फ्लैक्सी फेयर
रेलवे  ने अपनी लग्जरी ट्रेनों से अतिरिक्त कमाई करने के लिए फ्लैक्सी फेयर सिस्टम शुरू किया था। इसके तहत  विभिन्न स्लैब तय किए गए। लग्जरी ट्रेन में कुल उपलब्ध सीटों का 10 फीसदी बुक होने के बाद बेस फेयर में 10 फीसदी का इजाफा किया जाता है। हर दस फीसदी सीट पर किराया दस फीसदी बढ़ जाता है। लेकिन इसमें फेयर इजाफे की सीमा सिर्फ डेढ़ गुना ही रहती है।

इसका आशय है कि यदि लग्जरी ट्रेनों में कुल सीटों की आधी  बिक जाएंगी, तो शेष 50 फीसदी सीटें बेस फेयर के डेढ़ गुना वृद्धि कर बेची जाएंगी। दूसरा, इस टिकट का ब्रेकअप बेस फेयर, रिजर्वेशन चार्ज, सुपरफास्ट चार्ज, कैटरिंग चार्ज, सर्विस टैक्स केसाथ-साथ डायनमिक  (फ्लैक्सी) फेयर की तरह किया जाता है।

यात्री बोले, बिना सुविधा जेब पर भारी फ्लैक्सी
लग्जरी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री परमजीत सिंह, प्रवीण मित्तल, नीरू दत्त, सुनाया लांबा और रुचि दुग्गल कहते हैं कि  फ्लैक्सी फेयर से रेलवे को भले ही तगड़ी कमाई हो रही है, मगर सवाल यह है कि यात्रियों को कौन सी अतिरिक्त सुविधा मिल रही है? यात्रियों ने बताया कि  यदि वे शताब्दी में चंडीगढ़ से दिल्ली जाते हैं तो ब्रेकअप में बेस किराया 404 रुपये होता है, रिजर्वेशन चार्ज 40 रुपये, सुपरफास्ट चार्ज 45 रुपये, सर्विस टैक्स 31 रुपये, कैटरिंग चार्ज 90 रुपये और फ्लैक्सी किराया 202 रुपये होता है और यही हमें अखरता है। 
 
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