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Chandigarh News: 15 साल बाद भी नहीं मिला फ्लैट, बिल्डर को 1.09 करोड़ रुपये ब्याज समेत लौटाने का आदेश

Tue, 09 Jun 2026 02:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 02:44 AM IST
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Flats not delivered even after 15 years, builder ordered to return Rs 1.09 crore along with interest
चंडीगढ़। पंजाब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (पंजाब रेरा) ने जीरकपुर स्थित माया गार्डन फेज-3 परियोजना में फ्लैट बुक कराने वाले पंचकूला निवासी दंपती को बड़ी राहत देते हुए बिल्डर को 1.09 करोड़ रुपये ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। रेरा ने माना कि खरीदारों को लंबे समय तक कब्जा नहीं दिया गया और यह बिल्डर की वैधानिक तथा संविदात्मक जिम्मेदारियों का उल्लंघन है।
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पंचकूला के सेक्टर-15 निवासी सचिन शर्मा और उनकी पत्नी संगीता शर्मा ने एडवोकेट अरुण सिंगला के माध्यम से दाखिल याचिका में बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में माया गार्डन सिटी परियोजना में 3 बीएचके फ्लैट बुक कराया था। शुरुआत में उन्होंने एक लाख रुपये की बुकिंग राशि जमा कराई और बाद में भुगतान योजना के अनुसार कई किस्तों में रकम जमा कराई। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने कुल मिलाकर बड़ी राशि जमा कर दी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें वैध कब्जा नहीं मिला। सुनवाई के दौरान बिल्डर कंपनी एम/एस बरनाला बिल्डर्स एंड प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स ने दावा किया कि फ्लैट का कब्जा वर्ष 2016 में ही ऑफर कर दिया गया था और खरीदारों ने स्वयं कब्जा लेने में रुचि नहीं दिखाई। कंपनी ने यह भी कहा कि खरीदार पहले उपभोक्ता मंच में कब्जे की मांग कर चुके हैं, इसलिए बाद में धनवापसी की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। हालांकि, रेरा ने रिकॉर्ड और पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद शिकायतकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया। अथॉरिटी ने कहा कि खरीदारों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करवाना उचित नहीं है और परियोजना से बाहर निकलकर धनवापसी मांगने का उनका अधिकार बना रहता है।
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रेरा के अध्यक्ष राकेश कुमार गोयल और सदस्यों की पीठ ने बिल्डर को शिकायतकर्ताओं द्वारा जमा कराई गई 1,09,03,889 रुपये की राशि 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया। अथॉरिटी ने साफ किया कि 31 मार्च 2026 तक देय राशि में मूलधन और अर्जित ब्याज शामिल है। इसके अतिरिक्त 1 अप्रैल 2026 से 39,868 रुपये प्रति माह अतिरिक्त ब्याज भी देय होगा, जो वास्तविक भुगतान तक जारी रहेगा। रेरा ने बिल्डर को आदेश प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर पूरी राशि चुकाने के निर्देश दिए हैं। भुगतान न होने की स्थिति में यह राशि भूमि राजस्व बकाया की तरह वसूल की जाएगी। साथ ही संबंधित फ्लैट को बेचने, हस्तांतरित करने या उस पर किसी तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर भी रोक लगा दी गई है, जब तक कि शिकायतकर्ताओं को पूरी धनराशि का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
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