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चंडीगढ़ः फ्लैटों की ट्रांसफर पॉलिसी में हुआ व्यापक बदलाव, 60 हजार लोगों को मिली राहत

Sun, 30 Sep 2018 02:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 30 Sep 2018 02:18 PM IST
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Flat Transfer Policy Changed in Chandigarh
flat transfer policy
अक्तूबर माह में आने वाले त्योहारों को देखते हुए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने चंडीगढ़ के करीब 60 हजार लोगों को खुशियों की सौगात दी है। यूटी प्रशासन ने दक्षिणी इलाके में स्थित सहकारी समितियों के फ्लैटों के ट्रांसफर पॉलिसी में व्यापक बदलाव किया है। अब बेहद कम रेट पर फ्लैट ट्रांसफर किए जा सकेंगे। साथ ही 90 से ज्यादा उन सोसाइटीज की रजिस्ट्री का रास्ता भी साफ हो गया है, जिनकी वर्तमान महंगे डीसी रेट के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी। प्रशासन ने कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटीज के निवासियों को कन्वेंस डीड लागू कराने के लिए वन टाइम की राहत दे दी है।
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इसके तहत 30 जून, 2019 तक कोऑपरेटिव सोसाइटीज अलॉटमेंट के रेट पर कन्वेंस डीड को लागू करवा सकेंगे, जिनकी सोसाइटीज की अलॉटमेंट वर्ष 1993 की है, वे 750 प्रति स्क्वेयर यार्ड और जिनकी वर्ष 2001 की है, वे 2850 प्रति स्क्वेयर यार्ड के रेट पर कन्वेंस डीड करवा सकते हैं। वर्तमान में जिन सोसाइटीज ने अभी तक अपनी जमीन की रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई है, उन्हें मौजूदा कलेक्टर रेट 70424 रुपये प्रति स्क्वेयर यार्ड के हिसाब के कन्वेंस डीडी करवानी पड़ती थी।
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मालिकाना हक भी मिलेगा
इस फैसले से सेक्टर-48 से 51 की हाउसिंग सोसाइटीज के 10 हजार फ्लैटों में रहने वाले तकरीबन 60 हजार से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। साथ ही उन्हें अपने फ्लैट का मालिकाना हक भी मिल सकेगा। इस फैसले से सालों से रुकी हुई फ्लैटों की ट्रांसफर का रास्ता भी खुल गया है। इस संदर्भ में सांसद किरण खेर ने शनिवार को बताया कि मेरे आग्रह पर प्रशासक ने सिटी के हजाराें अलॉटियों को राहत देने का काम किया है। इससे पहले जो भी लोग आए, उन लोगों ने केवल आम लोगों को गुमराह करने का काम किया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय फ्लैटों के लंबे हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल कर देगा। प्रशासक के निर्देश पर हाउसिंग सोसाइटी ने अपने हजारों अलॉटियों की लंबी लंबित मांगों पर विचार करते हुए यह छूट दी है। इस निर्णय के साथ सोसाइटी के निवासी बहुत ही मामूली शुल्क चुकाकर अपने फ्लैटों के मालिक बन जाएंगे।
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ब्लड रिलेशंस में ट्रांसफर पर नहीं देनी होगी स्टांप ड्यूटी
नई स्कीम के तहत हाउसिंग सोसाइटीज में रहने वाले लोगों को अब सिर्फ 2.50 से 3 लाख रुपये वन टाइम चार्ज देना होगा। यह 2001 तक की अलॉटमेंट के लिए होगा। इसके साथ ही उन्हें स्टांप ड्यूटी के साथ-साथ वन टाइम कंपोजिशन फीस भी देनी होगी। यह 50 हजार से लेकर 1.50 रुपये तक है जबकि परिवार के सदस्यों (ब्लड रिलेशन) में ट्रांसफर किसी तरह की स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी। ब्लड रिलेशन के भीतर हुई ट्रांसफर को इससे संबंधित जारी अधिसूचना ते तहत छूट दी गई है।

आम लोगों को मिलेगी राहत
इस संदर्भ में पीसीएसी के चेयरमैन राज कुमार पाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से उठाया गया यह कदम वाकई सराहनीय है। इससे अधिक लोगों को राहत मिलने वाली है। खास बात यह कि अब लोग प्रापर्टी पर आसानी से लोन ले सकेंगे। वहीं, चेयरमैन हाउसिंग सोसाइटी वेलफेयर फेडरेशन के चेयरमैन कमलकांत गुप्ता ने बताया कि यह राहत तो केवल लीज होल्ड सोसाइटी की प्रापर्टी पर मिली है। जब तक सोसाइटी के लोगों को पूरी तरह से राहत नहीं मिलती है, तब तक कोई खास फायदा होने वाला नहीं है।


90 से ज्यादा सोसाइटीज की नहीं हुई है रजिस्ट्री
इस समय दक्षिणी सेक्टरों में 130 सोसाइटीज हैं, जिनमें से 90 से ज्यादा सोसाइटीज ऐसी हैं, जिन्होंने अपनी जमीन की ही रजिस्ट्री नहीं करवाई है। रजिस्ट्री न करवाने का एक बड़ा कारण यह था कि प्रशासन वर्तमान रेट पर रजिस्ट्री कर रहा था जबकि लोग चाहते थे कि पुराने अलाटमेंट रेट पर ही रजिस्ट्री हो। ऐसे में प्रशासन ने जिस साल में जमीन सोसाइटी को अलॉट की गई थी उस रेट पर ही जमीन की रजिस्ट्री करवाने की मंजूरी प्रशासन ने दी है। मालूम हो कि फ्लैट्स का ट्रांसफर भी साल 2016 सेरुका हुआ था।
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