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युद्ध के हालात में 5 बार खाली हो चुका ये गांव, पाकिस्तानी चुरा ले जाते हैं सारा सामान

Fri, 30 Sep 2016 11:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब) Updated Fri, 30 Sep 2016 11:38 AM IST
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five time peoples left house in this village, indian army surgical strike in pok
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
आजादी के बाद अब तक ये गांव 5 बार ऐसी आपात स्थिति में खाली हो चुका है। पाकिस्तानी लोग उनके घरों में चोरी करके ले जाते थे। भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए जैसे ही 10 किलोमीटर दूरी तक के गांव खाली करवाने के आदेश जारी हुए हैं तो कई गांवों में हलचल तेज हो गई है, जबकि कई गांवों के किसान पहले की भांति ही खेतों में कार्य कर रहे हैं। वे इस सूचना को गंभीरता से नहीं ले रहे।
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पाक सीमा से मात्र 1 किलोमीटर दूरी पर बसे गांव रूपनगर बारेकां के सरकारी हाई स्कूल के प्रिंसिपल कृष्ण रिणवा ने बताया कि आजादी के बाद अब तक गांव रूपनगर करीब पांच बार ऐसी आपात स्थिति में खाली हो चुका है। 1965 व 1971 में हुए युद्धों के दौरान जब गांव के लोग पलायन कर गए तो सीमा पर तारबंदी न होने के कारण पाकिस्तानी लोग उनके घरों से सामान चोरी करके ले जाते थे।
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गांव खाली करवाने की सूचना सार्वजनिक

five time peoples left house in this village, indian army surgical strike in pok
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
इतना ही नहीं दिन के समय भी एलओसी पर चरने जाते पशुओं में ऊंटों को पकड़ लेते थे। जबकि तारबंदी के बाद ऐसा नुकसान होने से बचा है, लेकिन सैनिक कार्रवाई में कुछ मकानों को नुकसान पहुंचता है तथा माइंस लगाने व सैनिक गाड़ियां दौड़ने से फसलें पूरी तरह से तबाह हो जाती हैं।

युद्ध की स्थिति में एक बार गांव खाली करने से किसानों व गांव का विकास करीब 10 वर्ष पीछे चला जाता है। हालांकि जब-जब ऐसी स्थिति आई गांव के लोगों ने सेना की यथासंभव मदद की है। गांव के सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि वे प्रशासन के आदेश को हर संभव लागू करेंगे। उन्होंने गांव खाली करवाने की सूचना सार्वजनिक करवा दी है।

पठानकोट में 102 गांव कराए गए खाली
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तनाव बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए पठानकोट में गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीमा के 10 किमी के दायरे में पड़ते सभी गांवों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को पूरी तरह खाली करवा दिया गया।

एसएमओ डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि हाईकमान के आदेशों पर दुर्घटनाओं के समय स्थिति संभालने के लिए इमरजेंसी वार्ड को खाली करवाया गया है। यहां के मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं 18 अन्य बेडों का अतिरिक्त प्रबंध भी किया गया है।

सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द

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सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल के सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। अस्पताल में दवाओं का स्टॉक भी पूरा कर लिया गया है। एक मोबाइल टीम बनाकर संपर्क बनाया गया है ताकि इमरजेंसी पड़ने पर 5 मिनट में ही टीम निर्धारित स्थान पर पहुंच सके।

वहीं बमियाल सेक्टर में विधायक सीमा देवी, एसपी हेमपुष्प, थाना नरोट जैमल सिंह के थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बमियाल क्षेत्र के सभी गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की।  उन्होंने अपने-अपने गांवों को तुरंत खाली कराने के लिए कहा।

करीब 102 गांवों को खाली करवाया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पनबस की बसों की मुफ्त सेवा दी जा रही है। विधायक सीमा देवी ने बताया कि इन सभी गांवों के लोगों को तारागढ़ क्षेत्र में पड़ते पैलेसों में रखा जाएगा।
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