फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Five districts and three tehsils of Haryana will be out from NCR

NCR से मोहभंग: हरियाणा के पांच जिले और तीन तहसीलें होंगी बाहर, डीजल-पेट्रोल वाहनों पर मिलेगी राहत

Fri, 08 Jul 2022 11:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 08 Jul 2022 11:41 PM IST
सार

करनाल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, जींद और भिवानी जिले को 2018 में एनसीआर में शामिल किया गया था। इससे हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र बढ़कर 25327 वर्ग किलोमीटर हो गया था। इससे पहले प्रदेश के नौ जिले ही एनसीआर में शामिल थे।

विज्ञापन
Five districts and three tehsils of Haryana will be out from NCR
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : @mlkhattar

विस्तार

हरियाणा के पांच जिले और दो जिलों की तीन तहसीलें एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) से बाहर होंगी। प्रदेश सरकार ने एनसीआर का दायरा घटाने के लिए नया प्रस्ताव बनाकर भेजा है। संशोधित प्रस्ताव पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी मिलते ही हरियाणा में एनसीआर का दायरा 1148 वर्ग किलोमीटर और कम हो जाएगा। 

विज्ञापन

 
मुख्य समन्वयक योजनाकार एनसीआर की ओर से बीती 24 मई को भेजे ताजा प्रस्ताव में करनाल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, जींद और भिवानी के अलावा रोहतक जिले की महम, पानीपत जिले की मतलौडा व पानीपत तहसील क्षेत्र को एनसीआर से बाहर रखने का निवेदन किया है। जल्दी हरियाणा के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति मिल सकती है, चूंकि पिछली बैठक में एनसीआर का दायरा दिल्ली के राजघाट से सौ किलोमीटर तक करने पर सहमति बनी थी। 
विज्ञापन


प्रस्ताव अनुसार हरियाणा के एनसीआर में आने वाले नौ जिलों का क्षेत्रफल 12280.68 वर्ग किलोमीटर होगा। फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, नूंह, पलवल, रेवाड़ी और सोनीपत जिले का सौ फीसदी क्षेत्र एनसीआर में रहेगा। पानीपत का 52.92 और रोहतक का 68.46 प्रतिशत हिस्सा ही आने वाले दिनों में एनसीआर में होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एनसीआर में आने वाले अन्य राज्यों को हरियाणा के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने एनसीआर में अपना क्षेत्र घटाने का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि एनसीआर का क्षेत्र घटने जा रहा है। हरियाणा के काफी लोगों को राहत मिलेगी। रुकी हुई परियोजनाएं जल्द सिरे चढ़ पाएंगी।

2018 में शामिल किए गए थे पांच जिले
करनाल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, जींद और भिवानी जिले को 2018 में एनसीआर में शामिल किया गया था। इससे हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र बढ़कर 25327 वर्ग किलोमीटर हो गया था। इससे पहले प्रदेश के नौ जिले ही एनसीआर में शामिल थे।

डीजल-पेट्रोल वाहनों को मिलेगी राहत
एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध है। इससे हरियाणा का काफी बड़ा क्षेत्र प्रभावित हो रहा था। हजारों वाहन सड़कों पर चलने योग्य नहीं थे। इसे लेकर अनेक लोगों ने सरकार से राहत देने का आग्रह किया था। उसके बाद पांच जिलों और तीन तहसीलों को एनसीआर से बाहर रखने का प्रस्ताव तैयार करवाया गया। इसके अलावा अनेक विकास परियोजनाओं पर भी असर पड़ रहा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed