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पहली बार ऑनलाइन एडमिशन, छात्राओं को नहीं देना होगा आवेदन शुल्क
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 22 May 2017 10:23 PM IST
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सरकारी कॉलेजों की तर्ज पर इस बार प्रदेश के प्राइवेट और एडेड कॉलेजों के यूजी और पीजी कोर्सों में भी पहली बार ऑनलाइन एडमिशन होंगे। ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया को लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। जहां विद्यार्थियों पर कुछ शिकंजा कसा गया है तो वहीं एससी कैटेगिरी और किसी भी वर्ग की छात्राओं को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
दरअसल, इस बार सरकार ने प्राइवेट कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू की है। विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उसे आवेदन के बाद कॉलेज में जाकर हार्डकॉपी जमा कराने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरिट में नाम आने के बाद मूल प्रमाण पत्रों की जांच के समय विद्यार्थी को कॉलेज में आना होगा। इसके अलावा विभाग की तरफ से ऑनलाइन आवेदन के लिए 150 रुपये शुल्क रखा गया है, जो विभाग के खाते में जाएगा।
हालांकि एससी कैटेगिरी और छात्राओं को यह शुल्क नहीं देना होगा। भले ही किसी भी वर्ग की छात्रा हो। विभाग की तरफ से विद्यार्थियों पर बड़ा शिकंजा यह कसा गया है कि अभी तक वह मेरिट में आने के चक्कर में 10-10 कॉलेजों में आवेदन कर देते थे। इस बार विद्यार्थी केवल पांच कॉलेजों में ही आवेदन कर सकेगा।
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दरअसल, इस बार सरकार ने प्राइवेट कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू की है। विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उसे आवेदन के बाद कॉलेज में जाकर हार्डकॉपी जमा कराने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरिट में नाम आने के बाद मूल प्रमाण पत्रों की जांच के समय विद्यार्थी को कॉलेज में आना होगा। इसके अलावा विभाग की तरफ से ऑनलाइन आवेदन के लिए 150 रुपये शुल्क रखा गया है, जो विभाग के खाते में जाएगा।
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हालांकि एससी कैटेगिरी और छात्राओं को यह शुल्क नहीं देना होगा। भले ही किसी भी वर्ग की छात्रा हो। विभाग की तरफ से विद्यार्थियों पर बड़ा शिकंजा यह कसा गया है कि अभी तक वह मेरिट में आने के चक्कर में 10-10 कॉलेजों में आवेदन कर देते थे। इस बार विद्यार्थी केवल पांच कॉलेजों में ही आवेदन कर सकेगा।
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विद्यार्थियों पर भी कसा शिकंजा
एक कॉलेज में अधिकतम पांच कोर्स शामिल हो सकते हैं। यदि किसी विद्यार्थी ने कई कोर्सों में आवेदन किया है और उसका किसी भी एक कोर्स में एडमिशन हो गया तो अन्य कोर्सों में उसका आवेदन रद्द हो जाएगा। रद्द होने के बाद उन कोर्सों की मेरिट में विद्यार्थी का नाम भी नहीं आएगा। मेरिट में नाम आने वाले विद्यार्थी यदि किसी वजह से एडमिशन नहीं ले सके तो उन्हें अंतिम या तीसरी मेरिट लिस्ट लग जाने के बाद वेटिंग लिस्ट में मौका मिलेगा। हालांकि सभी कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को इसका काफी फायदा होगा। पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण ने बताया कि पिछली प्रक्रिया को देखते हुए इस बार कुछ बदलाव भी किए गए हैं। इससे एडमिशन प्रक्रिया को काफी सरल किया गया है।
रोहतक-झज्जर के प्राचार्यों को दी ट्रेनिंग
ऑनलाइन एडमिशन के लिए शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को ट्रेनिंग दी जानी है। इसी क्रम में सोमवार को पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज में रोहतक और झज्जर जिले के 29 कॉलेजों के प्राचार्यों और प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी गई। उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से आयी टीम ने समझाया कि ऑनलाइन एडमिशन के समय क्या-क्या समस्या हो सकती हैं और उनका समाधान कैसे करें। प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण ने बताया कि तीन दिवसीय ट्रेनिंग में रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी और दादरी जिले के सभी कॉलेजों के स्टाफ को यह ट्रेनिंग दी जाएगी।
रोहतक-झज्जर के प्राचार्यों को दी ट्रेनिंग
ऑनलाइन एडमिशन के लिए शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को ट्रेनिंग दी जानी है। इसी क्रम में सोमवार को पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज में रोहतक और झज्जर जिले के 29 कॉलेजों के प्राचार्यों और प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी गई। उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से आयी टीम ने समझाया कि ऑनलाइन एडमिशन के समय क्या-क्या समस्या हो सकती हैं और उनका समाधान कैसे करें। प्राचार्य डॉ. वेदप्रकाश श्योराण ने बताया कि तीन दिवसीय ट्रेनिंग में रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी और दादरी जिले के सभी कॉलेजों के स्टाफ को यह ट्रेनिंग दी जाएगी।