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भ्रष्टाचार के कई मामले और फाइलें गायब होने पर मंत्री ने जताई चिंता, बोले- ये तो बहुत गंभीर बात है

Tue, 24 Dec 2019 01:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 24 Dec 2019 01:06 AM IST
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First Meeting Of Jila Kasht Nivaran Samiti In Karnal
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक।

अरे भाई, बड़ी अजीब बात है ये हो क्या रहा है..? भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं और इधर जवाब में तुम्हारे पर रिकॉर्ड और फाइलें गुम हैं। शिकायतों के मामलों से पहले इसकी ही जांच होनी चाहिए। लगातार दो मामलों में रिकॉर्ड और फाइलें गुम होने की बात अधिकारियों के मुंह से सुनने पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल चिंतित दिखाई दिए। 

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हुआ यूं कि जिला कष्ट निवारण समिति की सोमवार को पंचायत भवन में हुई बैठक में एक साल पुराने मामले भी आए। इनमें पांच से आठ माह पुराने दो मामलों में भ्रष्टाचार होने की आशंका है। लेकिन शिकायत सामने आने के बाद अधिकारी दोनों ही मामलों में अपनी तरफ से रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाए। इस पर मंत्री भड़क गए और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में भी सुधार के निर्देश दिए। 
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पैसे तो जमा हो गए लेकिन रसीदों के बारे में नहीं बता पाए अधिकारी
शिकायत नंबर-3 सब्जी मंडी और नई अनाज मंडी करनाल के गांधी कंपनी व अन्य दुकानदारों की थी, प्रार्थियों ने कहा कि उन्होंने अलॉट की गई दुकानों की सारी किस्तें जमा करवा दी हैं लेकिन मार्केट कमेटी के एक अधिकारी ने एक किस्त वसूल करके उनके पैसे जमा नहीं करवाए। जिसके कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। 

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एसडीएम नरेंद्र मलिक ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर ललित कुमार द्वारा रसीद बुक नंबर 137 व 118 के माध्यम से प्राप्त की गई लगभग 1 करोड़ 47 लाख रुपये की राशि कार्यालय में जमा नहीं करवाई। बाद में ऑडिट जांच के दौरान 2 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि जमा न होने की बात सामने आई है। 

उन्होंने यह भी बताया कि दोषी सुपरवाइजर द्वारा 1.47 करोड़ रुपये की राशि मार्केट कमेटी के कार्यालय में जमा करवा दी गई है। लेकिन दुकानदारों के पास उपलब्ध और पुलिस के रिकॉर्ड में उपलब्ध रसीदों का मिलान न होने के कारण इस राशि को समायोजित नहीं किया जा सका है। शिक्षा मंत्री ने जब इस रसीद बुक के बारे में पूछा तो अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। हालांकि, जोनल एडमिनिस्ट्रेर प्रद्मुन सिंह बार बार अपना पक्ष रखने की कोशिश करते रहे।

दुकानदार निर्दोष, मुझे अगली बैठक से पहले समाधान चाहिए
शिक्षामंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस पूरे मामले में दुकानदार पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है। यह जिम्मेदारी मार्केट कमेटी की है कि वह कोई भी रास्ता निकालकर आगामी मासिक बैठक से पहले प्रभावित दुकानदारों को न्याय दिलाए।

हमारे पास कोई रिकॉर्ड ही नहीं सर!
शिकायत नंबर-4 नीलोखेड़ी के चुन्नी लाल की थी। उन्होंने बताया कि अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के लिए पिछले साढ़े तीन साल से तहसील और बीडीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मेरे से इन्होंने पैसे भी मांगे थे। जोकि मैने नहीं दिए तो अब मेरी रजिस्ट्री लटक रही है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में मंत्री जी ने 15 दिन में रजिस्ट्री करवाने के निर्देश दिए थे। आज तक कुछ नहीं हुआ। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि हमारे पास इसके प्लॉट का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। इस पर मंत्री बोले कि ये विषय गंभीर है जो रिकॉर्ड ही नहीं मिल रहा। 

एडीसी अगली बैठक में समाधान की रिपोर्ट दें 
चुन्नी लाल की शिकायत में तहसीलदार और बीडीपीओ की जांच रिपोर्ट पर असहमति व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने एडीसी अनीष यादव को मामले की जांच करके आगामी बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इधर, बीडीपीओ के पक्ष के दौरान कमेटी के सदस्य बोले, कि सब तहसीलों में फ्रॉड हो रहा है। सभी जगह जांच कराओ। हालांकि बीच में भाजपा जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद ने करनाल तहसील में सीएम द्वारा की गई कार्रवाई की बात भी कही। 

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