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शनिवार को आएगी पहली इलेक्ट्रिक बस, पीजीआई से आईटी पार्क तक चलाकर होगा ट्रायल
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चंडीगढ़। वर्षों के इंतजार और कई टेंडर के बाद आखिरकार शनिवार को शहर में पहली इलेक्ट्रिक बस आ जाएगी। इस बस को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की ओर से हरी झंडी दिखाने के बाद पीजीआई से आईटी पार्क तक चलाकर ट्रायल लिया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
वर्तमान में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) शहर में बसें चलाता है, लेकिन ई-बसें चलाने के लिए विभाग ने निजी कंपनी का सहारा लिया है। 40 ई-बसों के लिए अशोक लेलैंड के साथ परिवहन विभाग का करार हुआ है। इसके अनुसार बस, चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव का जिम्मा कंपनी का ही होगा। बस में ड्राइवर भी कंपनी का ही होगा। हालांकि, बस में कंडक्टर सीटीयू का होगा। विभाग कंपनी को प्रति किमी 60 रुपये का भुगतान करेगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहली बस को पीजीआई से आईटी पार्क तक चलाया जाएगा। इस रूट के बीच में भी विभिन्न बस स्टॉप पर बस को रोका जाएगा। निजी कंपनी ने प्रशासन को बताया है कि 40 में 19 बसें अगस्त महीने में भेजी जाएंगी और फिर बाकी सभी सितंबर के महीने में पहुंच जाएंगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अक्तूबर महीने में शहर की सड़कों पर 40 ई-बसें चलती दिखाई देंगी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 18 करोड़ की राशि चंडीगढ़ को दी है। कोरोना की वजह से लगे घाटे के कारण परिवहन विभाग ने खुद इलेक्ट्रिक बसें खरीदने से इनकार कर दिया था तो केंद्र ने बीते साल 25 सितंबर को चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी थी। पहले फेज के तहत अब 40 बसों के लिए विभाग ने टेंडर जारी किया था।
36 लोगों के बैठने की जगह, फुल चार्ज में 180 किमी चलेगी ई-बस
इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का किराया पहले जैसा ही रहेगा, उसमें किसी तरह की बढ़ोतरी या कमी नहीं की गई है। बस में 36 लोगों के बैठने की जगह होगी, लेकिन एक समय में बस में 54 सवारी सफर कर सकेगी। बस दो से ढाई घंटे में फुल चार्ज हो जाएगी और एक बार चार्ज होने के बाद बस करीब 180 किलोमीटर चलेगी। गौरतलब है कि शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की कवायद साल 2016 से ही चल रही है। 2017 में सीटीयू ने दो अलग-अलग कंपनियों की इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल भी लिया था। ट्रायल के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले कुछ महीनों में बसें सड़क पर आ सकती हैं, लेकिन अब जाकर ई-बसों के चंडीगढ़ आने की तैयारी पूरी हुई है।
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वर्जन
पहली इलेक्ट्रिक बस इस हफ्ते शनिवार तक आ जाएगी। इस संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है। बस के आने के बाद इसका ट्रायल लिया जाएगा। उद्घाटन के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से समय मांगेंगे।
- उमाशंकर गुप्ता, निदेशक, परिवहन विभाग
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वर्तमान में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) शहर में बसें चलाता है, लेकिन ई-बसें चलाने के लिए विभाग ने निजी कंपनी का सहारा लिया है। 40 ई-बसों के लिए अशोक लेलैंड के साथ परिवहन विभाग का करार हुआ है। इसके अनुसार बस, चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव का जिम्मा कंपनी का ही होगा। बस में ड्राइवर भी कंपनी का ही होगा। हालांकि, बस में कंडक्टर सीटीयू का होगा। विभाग कंपनी को प्रति किमी 60 रुपये का भुगतान करेगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहली बस को पीजीआई से आईटी पार्क तक चलाया जाएगा। इस रूट के बीच में भी विभिन्न बस स्टॉप पर बस को रोका जाएगा। निजी कंपनी ने प्रशासन को बताया है कि 40 में 19 बसें अगस्त महीने में भेजी जाएंगी और फिर बाकी सभी सितंबर के महीने में पहुंच जाएंगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अक्तूबर महीने में शहर की सड़कों पर 40 ई-बसें चलती दिखाई देंगी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 18 करोड़ की राशि चंडीगढ़ को दी है। कोरोना की वजह से लगे घाटे के कारण परिवहन विभाग ने खुद इलेक्ट्रिक बसें खरीदने से इनकार कर दिया था तो केंद्र ने बीते साल 25 सितंबर को चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी थी। पहले फेज के तहत अब 40 बसों के लिए विभाग ने टेंडर जारी किया था।
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36 लोगों के बैठने की जगह, फुल चार्ज में 180 किमी चलेगी ई-बस
इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का किराया पहले जैसा ही रहेगा, उसमें किसी तरह की बढ़ोतरी या कमी नहीं की गई है। बस में 36 लोगों के बैठने की जगह होगी, लेकिन एक समय में बस में 54 सवारी सफर कर सकेगी। बस दो से ढाई घंटे में फुल चार्ज हो जाएगी और एक बार चार्ज होने के बाद बस करीब 180 किलोमीटर चलेगी। गौरतलब है कि शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की कवायद साल 2016 से ही चल रही है। 2017 में सीटीयू ने दो अलग-अलग कंपनियों की इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल भी लिया था। ट्रायल के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले कुछ महीनों में बसें सड़क पर आ सकती हैं, लेकिन अब जाकर ई-बसों के चंडीगढ़ आने की तैयारी पूरी हुई है।
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पहली इलेक्ट्रिक बस इस हफ्ते शनिवार तक आ जाएगी। इस संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है। बस के आने के बाद इसका ट्रायल लिया जाएगा। उद्घाटन के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से समय मांगेंगे।
- उमाशंकर गुप्ता, निदेशक, परिवहन विभाग