चंडीगढ़ में युवक पर फायरिंग: फॉर्च्यूनर सवार युवक पर दागी गोलियां, बाल-बाल बची जान, गाड़ी का शीशा टूटा
चंडीगढ़ में सोमवार देर रात फॉर्च्यूनर सवार युवक पर फायरिंग हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गनीमत रही कि हमले में युवक की जान बच गई।
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सेक्टर-25 डंपिंग ग्राउंड के नजदीक धनास-ड्डडूमाजरा रोड पर शहर के क्लबों में बाउंसर सप्लाई करने वाले धनास निवासी गुरजीत उर्फ भूरा पर बीते सोमवार की रात अज्ञात बदमाशों ने गोलियां चलाईं। इसमें फार्च्यूनर सवार भूरा बाल-बाल बच गया, जबकि गाड़ी पर दो गोलियां लगीं। इसके बाद पुलिस सहित अन्य कई जांच टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके से एक गोली का खोल बरामद किया है, जबकि गाड़ी पर दो गोलियों के निशान बने हैं। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है।
धनास गांव निवासी भूरा बाउंसर रह चुका है। अब वह क्लबों में सुरक्षा के लिए बाउंसर उपलब्ध कराता है। वह एक सिक्योरिटी एजेंसी चला रहा है। बीते सोमवार रात 11 बजे वह जिम से फार्च्यूनर गाड़ी में अपने घर लौट रहा था। जब सेक्टर-25 डंपिग ग्राउंड के नजदीक ड्डडूमाजरा -धनास रोड पर पहुंचा तो अचानक से एक स्विफ्ट गाड़ी उसकी गाड़ी के आगे आकर रुकी। गाड़ी से कुछ अज्ञात बदमाश निकले और देखते ही देखते भूरा पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। भूरा के मुताबिक बदमाशों ने चार-पांच गोलियां चलाईं जबकि गाड़ी पर दो गोलियों के निशान मिले हैं। इनमें एक गोली गाड़ी के बीच वाले दरवाजे की खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर लगी, जबकि दूसरी गोली बोनट के पास लगी।
पहले लगता था सीआरपीएफ का नाका, अब बंद
सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू ने बताया कि पहले उस रास्ते पर सीआरपीएफ का एक नाका लगता था, जिससे रात में लोग सुरक्षित महसूस करते थे लेकिन अब कोई नाका नहीं लगता, सड़क भी पूरी सुनसान रहती है। कई जगह अंधेरा भी रहता है, जिससे घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दोबारा से सीआरपीएफ का नाका लगना चाहिए और पुलिस का एक बीट बॉक्स भी होना चाहिए ताकि रात में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।