चंडीगढ़ स्वीट्स फैक्ट्री में लगी भीषण आग, एक फायरकर्मी घायल, देर रात तक भी नहीं मिली कामयाबी
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित चंडीगढ़ स्वीट्स फैक्ट्री में शुक्रवार रात करीब 9.51 बजे अचानक भयंकर आग लग गई। आग लगने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। चारों ओर धुआं भर गया। आग की लपटे इतनी जबरदस्त थी कि पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई। मौके पर पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ की करीब 12 दमकल गाड़ियां पहुंची।
देर रात तक आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड टीम जद्दोजहद करती रही। इस आग में करोड़ों रुपये का नुकसान का अनुमान है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस दौरान हल्लोमाजरा से कालोनी नंबर-4 तक पूरा रास्ता ब्लॉक कर दिया गया।
चंडीगढ़ स्वीट्स फैक्ट्री में करीब 200 वर्कर काम करते हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात को जोरदार आवाज सुनाई दी और शॉप के अंदर से धुआं निकल रहा था। आग इतनी ज्यादा भड़की थी कि देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। करीब 12 की संख्या में दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची।
फायर सब ऑफिसर जगदीश सिंह, फायरमैन संजीव शर्मा समेत अन्य फायरकर्मी आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे। वहीं ईस्ट डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल, क्राइम ब्रांच डीएसपी सुखराज कटेवा, थाना प्रभारी जसबीर सिंह मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। खबर लिखे जाने तक देर रात तक आग पूरी तरह से नहीं बुझी तो जेसीबी से शॉप की छत तोड़कर आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही थी।
मालिक की जुबानी
मालिक रमेश अग्रवाल ने बताया कि रोजाना की तरह रात करीब आठ बजे शॉप को बंद कर घर चले गए थे। फोन पर सूचना मिली कि उनके फैक्ट्री में आग लगी है। फौरन वह फैक्ट्री पहुंचे। वहां पर आग काफी भड़की हुई थी। आग फैक्ट्री में रखे मिठाइयों के डिब्बे से शुरू हुई है। गत्ते की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया। आग में कितना नुकसान हुआ है इसके बारे में कुछ बता नहीं सकता। आग काबू होने पर ही सारी स्थिति साफ हो सकेगी।
50 मीटर की दूरी पर पॉवर ग्रिड
घटना वाली जगह से महज 50 मीटर की दूरी पर पावरग्रिड था। यहां से लाइट पूरे एरिया में सप्लाई होता है। आनन फानन में एरिया की लाइट कनेक्शन काट दिया गया। बिजली की हाईवोल्टेज तार भी फैक्ट्री के ऊपर से गुजरी हुई थी। ऐसे में अगर आग पावरग्रिड तक पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हुए कई ब्लास्ट
आग इतनी भयंकर थी कि फैक्ट्री में रखे सभी सामानों को अपने चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगते ही फैक्ट्री में कई जोरदार धमाके हुए। बताया गया कि धमाका सिलिंडर के फटने या फिर अंदर रखे ज्वलनशील पदार्थ से हुआ हो सकता है। लेकिन यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि इतने धमाके हुए और किस वजह से हुए।
फायर सब ऑफिसर जख्मी
आग इतनी बेकाबू थी कि उसमें से लपटें बाहर निकल रही थी। इस दौरान फायर सब ऑफिसर जगदीश सिंह आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। तभी वह इसकी चपेट में आ गए और गंभीर घायल हो गए। उनके पैर व अन्य जगहों पर चोटें आई। पुलिस पीसीआर की मदद से उन्हें पीजीआई में भर्ती करवाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है।