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चंडीगढ़ : कचरा निस्तारण प्लांट और डंपिंग ग्राउंड में लगी आग, दस किलोमीटर तक फैला धुआं, ट्रैफिक रुका

Wed, 31 Mar 2021 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 31 Mar 2021 04:09 PM IST
सार

  • चंडीगढ़ के कचरा निस्तारण प्लांट और डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग
  • सूखा कचरा होने के कारण तेजी से फैली आग, हवा ने और भड़काया
  • कई सेक्टरों में फैला धुआं, लगा जाम

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Fire at Garbage Disposal Plant in Chandigarh
चंडीगढ़ के कचरा निस्तारण प्लांट में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड और सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में बुधवार दोपहर अचानक एक साथ आग लग गई। इस दौरान प्लांट के अंदर धमाकों से आसपास के लोग सहम गए, वहीं कचरे से निकलने वाले धुएं से लोगों का दम घुटने लगा। धुएं इतना ज्यादा था कि वहां से गुजर रहे लोगों को सड़क तक देखने में मुश्किल हो रही थी।

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हवा के कारण आग की लपटें और तेज हो रही थीं। आग लगने के कारणों की फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है। एक साथ डंपिंग ग्राउंड और प्लांट में आग लगने पर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या वाकई यह आग लगी है या नगर निगम अपनी नाकामी छुपाने के लिए आग लगवा रहा है। डेढ़ माह के अंदर आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। 
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आग बुझाने के लिए 20 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा 25 टिप्परों से मिट्टी डालकर डंपिंग ग्राउंड पर आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक आग लगी हुई थी। डंपिंग ग्राउंड और कचरा निस्तारण प्लांट डड्डूमाजरा व सेक्टर- 25 के लोगों के लिए जैसे अभिशाप बन गया है। क्षेत्रीय निवासी जीतेंद्र तोती ने बताया कि दोपहर लगभग ढाई बजे अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। घर से बाहर निकले तो देखा कि आसमान में जबरदस्त धुआं था।

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पहले लगा कोई हादसा हुआ है। जैसे ही सड़क की ओर बढ़े तो देखा कि प्लांट और डंपिंग ग्राउंड से आग की लपटें उठ रही हैं। आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मी भी दूर से ही पानी फेंक रहे थे। कचरे के पास जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। वहीं चेहरा ढंकने के बावजूद कचरे से निकलने वाले जहरीले धुंए से दम घुट रहा था। पिछली बार जब डंपिंग ग्राउंड में आग लगी थी, तब आग को बुझाने में पांच दिन का समय लग गया था।
 
आग लगने के साथ ही कुछ सवाल भी सुलगे 
आग लगने के साथ ही कुछ सवाल भी सुलगने लगे हैं। निगम कचरे का निस्तारण करने में फेल साबित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आठ एकड़ में 10 मीटर ऊंचा कचरे का नया पहाड़ खड़ा हो गया है। मशीनों की क्षमता कम होने के कारण प्लांट में कचरे का अंबार लग रहा है। निगम अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह आग लगवा रहा है या वाकई में यह आग लग है।  

10 किलोमीटर के दायरे में फैला धुंआ
एक ओर सूखे कचरे में आगे की लपटें उठ रहीं थीं, वहीं दूसरी ओर नमी वाले कचरे से जबरदस्त धुंआ निकल रहा था। यह धुंआ इतना ज्यादा था कि ट्रिब्यून चौक तक इसका असर देखा जा सकता था। डंपिंग ग्राउंड से पंजाब यूनिवर्सिटी तक एक समय काली धुंध जैसी छा गई थी। लोगों ने कहा कि इस धुएं में इतनी जहरीली दुर्गंध होती है कि दिल या अस्थमा के मरीज का दम घुटने लगता है।

गर्मियों में बढ़ने लगती है आगजनी की समस्या  

क्षेत्रीय निवासी दयालकृष्ण ने बताया कि अभी तो गर्मियों की शुरुआत है। गर्मियों में हर साल चार से पांच बार बड़ी आग लगती है। तब यहां रहने वाले लोगों को अपने नारकीय जीवन का अहसास होता है। एक साल में खत्म होने वाला कचरे का पहाड़ ज्यों की त्यों खड़ा है। पता नहीं अब आगे और कितनी मुसीबत झेलनी होगी।  

प्रभावित लोगों को मुआवजा दे सरकार
डंपिंग ग्राउंड में लगी आग के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। प्रभावित लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए। आग को बुझाने के लिए प्रशासन जल्द से जल्द कदम उठाए। आग लगने के कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारी तय की जाए। भाजपा शासित नगर निगम लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है। -एचएस लक्की, मुख्य प्रवक्ता कांग्रेस चंडीगढ़ प्रदेश।

विषाक्त धुएं से जीना मुश्किल
प्रशासन और नगर निगम समझ नहीं रही है। डंपिंग ग्राउंड से उठते विषाक्त धुएं, असहनीय बदबू और प्रदूषण से लोगों का सांस लेना भी दूभर हो हो गया है। प्रशासन और नगर निगम को ढुलमुल रवैया छोड़कर डंपिंग ग्राउंड की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।   -पंकज गुप्ता, अध्यक्ष आरडबल्यूए सेक्टर- 38वेस्ट।

प्रशासक को मौके पर जाना चाहिए
प्रशासक मौके पर जाकर देखें कि लोग किस प्रकार नारकीय जिंदगी जी रहे हैं। वे मौके पर जाएंगे तो समस्या का हल होने की संभावना है। अधिकारी केवल टेबल वर्क कर रहे हैं। नए प्रोजेक्ट नहीं चाहिए। पुराने प्रोजेक्ट पर सही तरीके से काम होना चाहिए। डंपिंग ग्राउंड में आग की जांच होनी चाहिए।  - बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन फॉसवेक।

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