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Chandigarh News: बूथ मालिक पर भी एफआईआर, दोनों मजदूरों की हालत स्थिर
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चंडीगढ़। मरम्मत कार्य के बीच कैफे शॉप की छत गिरने से एक मजदूर की मौत और दो के घायल होने के मामले में वीरवार को सेक्टर-34 थाना पुलिस ने बूथ मालिक जीएस सिद्धू पर आईपीसी की धारा 304ए के तहत केस दर्ज कर लिया। हालांकि अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है कि दोनों बूथों के बीच की दीवार तोड़ने की मंजूरी ली गई थी या नहीं। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उधर, हादसे में घायल दोनों मजदूरों की हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 337 भी लगाई है। मामले में अब तक तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें जीएस सिद्धू, सुरिंदर सिंह और आयुष शामिल हैं। सुरिंदर सिंह और आयुष को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। जमानती धाराएं होने के चलते उन्हें थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।
बता दें कि आयुष ने सेक्टर-33 डी का बूथ नंबर 9 और 10 किराये पर लिया हुआ था। दोनों बूथ के असल मालिक सेक्टर-21 निवासी जीएस सिद्धू हैं। पहले ये दोनों बूथ शराब ठेकेदार के पास थे, जिसने दोनों बूथ के बीच की दीवार को तोड़कर एक बूथ बना दिया था। ठेका खत्म होने के बाद जीएस सिद्धू ने इन बूथों को कैफे शॉप खोलने के लिए आयुष को दे दिया। साथ ही इसकी मरम्मत के लिए सुरिंदर सिंह को ठेका दिया गया।
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मरम्मत कार्य के दौरान बुधवार शाम को अचानक बूथों की छत गिर गई। हादसे में जिला भागलपुर (बिहार) के मंचन कुमार, सेक्टर-30 निवासी अरुण तिवारी और मलोया के छोटे लाल मलबे के नीचे दब गए थे। बचाव कार्य के दौरान तीनों मजदूरों को निकालकर जीएमसीएच-32 ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान 24 वर्षीय मंचन को मृत घोषित कर दिया गया। थाना पुलिस अभी मामले में जीएस सिद्धू की भूमिका की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या संबंधित निर्माण के लिए उचित मंजूरी और एनओसी ली गई थी।
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पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है कि दोनों बूथों के बीच की दीवार तोड़ने की मंजूरी ली गई थी या नहीं। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उधर, हादसे में घायल दोनों मजदूरों की हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 337 भी लगाई है। मामले में अब तक तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें जीएस सिद्धू, सुरिंदर सिंह और आयुष शामिल हैं। सुरिंदर सिंह और आयुष को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। जमानती धाराएं होने के चलते उन्हें थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।
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बता दें कि आयुष ने सेक्टर-33 डी का बूथ नंबर 9 और 10 किराये पर लिया हुआ था। दोनों बूथ के असल मालिक सेक्टर-21 निवासी जीएस सिद्धू हैं। पहले ये दोनों बूथ शराब ठेकेदार के पास थे, जिसने दोनों बूथ के बीच की दीवार को तोड़कर एक बूथ बना दिया था। ठेका खत्म होने के बाद जीएस सिद्धू ने इन बूथों को कैफे शॉप खोलने के लिए आयुष को दे दिया। साथ ही इसकी मरम्मत के लिए सुरिंदर सिंह को ठेका दिया गया।
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मरम्मत कार्य के दौरान बुधवार शाम को अचानक बूथों की छत गिर गई। हादसे में जिला भागलपुर (बिहार) के मंचन कुमार, सेक्टर-30 निवासी अरुण तिवारी और मलोया के छोटे लाल मलबे के नीचे दब गए थे। बचाव कार्य के दौरान तीनों मजदूरों को निकालकर जीएमसीएच-32 ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान 24 वर्षीय मंचन को मृत घोषित कर दिया गया। थाना पुलिस अभी मामले में जीएस सिद्धू की भूमिका की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या संबंधित निर्माण के लिए उचित मंजूरी और एनओसी ली गई थी।