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सेना का फरमान, भर्ती से पहले आंखों की पुतली और फिंगर प्रिंट का डाटा होगा चेक

Sun, 03 Sep 2017 05:04 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 03 Sep 2017 05:04 AM IST
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fingerprint and iris scans test Before joining army
सेना भर्ती में दस्तावेजी फर्जीवाड़े को लेकर सेना अलर्ट है। सेना लगातार नियमों को और सख्त बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में सेना ने अब यह फरमान जारी किया है कि खुली भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों की आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट का डाटा जुटाया जाएगा। इसका मिलान संबंधित अभ्यर्थियों के आधार कार्ड के साथ किया जाएगा। मिलान होने पर ही अभ्यर्थी सेना भर्ती में भाग ले पाएगा।
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दूसरे के दस्तावेजों पर भर्ती होने की फिराक में युवा
हरियाणा में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें युवाओं ने अपने ही परिचित किसी दूसरे (भाई या अन्य नजदीकी रिश्तेदारों) के शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सेना में एंट्री की कोशिश की। हरियाणा में ऐसे 73 केस भी दर्ज हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है। इनमें शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ-साथ कई अन्य फर्जी दस्तावेज भी इस्तेमाल किए गए हैं।
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इसलिए बरतनी पड़ी चौकसी
सेना में भर्ती से पहले आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट का डाटा चेक खास वजह से किया जा रहा है। दरअसल, सेना भर्ती में आने वाले हजारों युवाओं के दस्तावेज तो खंगालती है, लेकिन यह पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है कि भर्ती के लिए शैक्षणिक दस्तावेज जमा करवाने वाला शख्स वही है, जिसके नाम से शैक्षणिक दस्तावेज हैं। क्योंकि पहले स्कूलों और कॉलेजों की डिग्री व डीएमसी (डिटेल मार्क्स कार्ड) में छात्रों का फोटो चस्पा नहीं होता था। इसलिए कई ऐसे मामले पकड़ में आए, लेकिन अब इस नई व्यवस्था से सेना की ये चिंता भी खत्म हो जाएगी।
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पढ़ें- सेना भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं का लिया जाएगा ड्रग सैंपल टेस्ट


ऐसे होगा डाटा चेक

सेना में भर्ती के लिए अभ्यर्थी युवा पहले दौड़ इत्यादि परीक्षा में भाग लेंगे। इस दौड़ परीक्षा में जितने युवा पास होंगे, अगली कड़ी में उनका मेडिकल होगा। बस, उसी वक्त पास होने वाले अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली और फिंगरप्रिंट का डाटा कलेक्ट कर लिया जाएगा। उसके बाद मौजूद अभ्यर्थी के डाटा की पहचान उस शख्स के ‘आधार डाटा’ से ऑनलाइन की जाएगी, जिसके नाम से शैक्षणिक दस्तावेज होंगे। इस डाटा जांच के लिए सेना ने अपना खास सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। डाटा जांच के बाद दूसरे के शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर सेना को धोखा देने वाला अभ्यर्थी वहीं पकड़ा जाएगा।

डाटा चेक से पहले तीन अभ्यर्थी गायब
सूत्रों के अनुसार हरियाणा के मुलाना कस्बे में विगत दिनों हुई सेना की खुली भर्ती रैली में इस नई व्यवस्था को पहली बार इस्तेमाल किया गया। इसमें 1200 अभ्यर्थियों का दौड़ टेस्ट के बाद मेडिकल के लिए चयन किया गया। अब इन अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली और फिंगरप्रिंट डाटा की जांच होनी थी। जैसे ही यह प्रक्रिया शुरू हुई तो 3 अभ्यर्थी अचानक गायब हो गए। इस प्रक्रिया के दौरान सेना उन्हें ढूंढती रही, लेकिन उनका अभी तक पता नहीं चल पाया। 
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