{"_id":"618243b09d53110df85ed695","slug":"financial-relief-of-rs-3100-each-for-registered-construction-workers-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोषणा: पंजाब में सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए 3100 रुपये की अंतरिम राहत का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोषणा: पंजाब में सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए 3100 रुपये की अंतरिम राहत का एलान
Wed, 03 Nov 2021 01:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:40 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोविड-19 महामारी के कारण निर्माण श्रमिकों की रोजी-रोटी को हुए नुकसान को घटाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भवन निर्माण और अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीवी) कल्याण बोर्ड के अधीन रजिस्टर्ड सभी निर्माण श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता का एलान किया है। इसके तहत प्रत्येक निर्माण श्रमिक को 3100 रुपये की अंतरिम वित्तीय राहत की एक और किश्त दी जाएगी।
दिवाली की पूर्व संध्या पर अपने एलान में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘3100 रुपये की यह वित्तीय ग्रांट रोशनी के त्योहार के मौके पर निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शगुन राशि है।’’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह राशि सीधी निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में अदा कर दी जाएगी। राज्य भर में लगभग 3.17 लाख निर्माण श्रमिक रजिस्टर्ड हैं और इस संबंधी 90-100 करोड़ रुपये की राशि बांटे जाने की संभावना है।
यह भी पढ़ें - हंगामा: बठिंडा रिफाइनरी में मजदूर की मौत के बाद बवाल, भड़के मजदूरों ने छह गाड़ियों को किया आग के हवाले
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चन्नी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरपंचों और काउंसलरों को अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी कहा ताकि वह बोर्ड की तरफ से समय-समय पर चलाईं जा रही विभिन्न कल्याण स्कीमों का अधिक से अधिक लाभ उठा जा सकें।
मुख्यमंत्री चन्नी, जोकि बोर्ड के चेयरमैन भी हैं, ने बताया कि उक्त वित्तीय सहायता में विस्तार किया जा रहा है क्योंकि कोविड महामारी के कारण इन निर्माण श्रमिकों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने के लिए वचनबद्ध है, जिनके पास भरण-पोषण का कोई साधन नहीं है।
विज्ञापन
दिवाली की पूर्व संध्या पर अपने एलान में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘3100 रुपये की यह वित्तीय ग्रांट रोशनी के त्योहार के मौके पर निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शगुन राशि है।’’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह राशि सीधी निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में अदा कर दी जाएगी। राज्य भर में लगभग 3.17 लाख निर्माण श्रमिक रजिस्टर्ड हैं और इस संबंधी 90-100 करोड़ रुपये की राशि बांटे जाने की संभावना है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - हंगामा: बठिंडा रिफाइनरी में मजदूर की मौत के बाद बवाल, भड़के मजदूरों ने छह गाड़ियों को किया आग के हवाले
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चन्नी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरपंचों और काउंसलरों को अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी कहा ताकि वह बोर्ड की तरफ से समय-समय पर चलाईं जा रही विभिन्न कल्याण स्कीमों का अधिक से अधिक लाभ उठा जा सकें।
मुख्यमंत्री चन्नी, जोकि बोर्ड के चेयरमैन भी हैं, ने बताया कि उक्त वित्तीय सहायता में विस्तार किया जा रहा है क्योंकि कोविड महामारी के कारण इन निर्माण श्रमिकों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने के लिए वचनबद्ध है, जिनके पास भरण-पोषण का कोई साधन नहीं है।