सिख दंगा पीड़ितों के लिए बड़ी राहत भरी खबर
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रेवाड़ी के हौद-चिल्लर मामले में बनाए गए आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति टीपी गर्ग (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। सरकार ने आयोग की सिफारिशों को मंजूर कर लिया है, जबकि गुड़गांव और पटौदी मामलों में छह महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।
आयोग की सिफारिश में गांव हौद के 31 पीड़ितों को 20-20 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी, जबकि पिछले 23 सालों में (1984-85 से 2006-07) तीन बार 7-7 लाख रुपये की राशि पहले ही दी जा चुकी है।
25 लाख रुपये इसी गांव के फौजी इंद्रजीत की विधवा को मिलेंगे, जिसने अब तक मुआवजे की कोई भी राशि प्राप्त नहीं की है। इसके अलावा 36 याचिकाकर्ताओं को पांच-पांच लाख रुपये की अतिरिक्त राशि संपत्ति नुकसान के मुआवजे के तौर पर पहले ही दी जा चुकी है।
इन-इन पीड़ितों को दी जाएगी आर्थिक मदद
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों की संतुष्टि के बाद पांच-पांच लाख रुपये की राशि दान स्वरूप उन गुरुद्वारों और ऐसे धार्मिक निर्माण, जहां गांव हौद के लोग इकट्ठा होते हैं, उनको दिए जाएंगे।
साधारण चोट वाले पांच पीड़ितों को एक लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जबकि छठे दावेदार सतपाल को 50 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
सतपाल ने इस घटना में अपने अभिभावकों और मां रमेश कुमारी की ओर से यह दावा किया था। रमेश कुमारी इस घटना में सिर की चोट से 90 प्रतिशत निशक्त हो गई थीं।
सिख समुदाय पर हुई थी हिंसा
कमिश्नर ऑफ इंक्वायरी एक्ट, 1952 के तहत 5 मार्च 2011 को राज्य सरकार ने जस्टिस टीपी गर्ग की अध्यक्षता में नवंबर 1984 में रेवाड़ी के गांव हौद-चिल्लर में सिख समुदाय पर हुई हिंसा पर एक आयोग का गठन किया था। आयोग ने 273 याचिकाएं प्राप्त की, जिनमें इस घटना में 455 गवाहों का बयान दर्ज किया।