फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Financial crisis in Haryana due to corona virus outbreak

हरियाणा: 4600 करोड़ के कर्ज से पटरी पर आएगी वित्तीय गाड़ी, पैकेज मिला तो ठीक नहीं तो कर्ज ही विकल्प

Thu, 16 Apr 2020 12:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 16 Apr 2020 12:23 AM IST
विज्ञापन
Financial crisis in Haryana due to corona virus outbreak
सीएम मनोहर लाल (फाइल फोटो)

हरियाणा की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने के लिए सरकार के सामने फिलहाल कर्ज लेने का ही विकल्प है। सरकार को विभिन्न कर से 6200 करोड़ रुपये आने की उम्मीद थी, जिसमें से अब मात्र 1600 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। इसलिए सरकार को व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए 4600 करोड़ का प्रबंध करना पड़ेगा। 

विज्ञापन


सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ी है। अगर केंद्र सरकार से विशेष पैकेज मिलता है तो ठीक नहीं तो कर्ज लेना पड़ेगा। जीएसटी के 2500 करोड़ आने थे, अब 1000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। स्टांप ड्यूटी से 600 की बजाय अब न के बराबर आएगा, चूंकि जमीनों की खरीद फरोख्त रुक चुकी है। 
विज्ञापन


आबकारी ड्यूटी से 1000 करोड़ की जगह 100 करोड़ आने का अनुमान है। वैट के 782 करोड़ में से 100 करोड़ के लगभग ही आएंगे। अन्य टैक्स से भी करोड़ों रुपये आने थे, जिन पर ब्रेक लग गया है। 1800 करोड़ कर्मचारियों के वेतन व 600 करोड़ से अधिक सामाजिक पेंशन को जाने ही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मचारियों की पेंशन अलग है। 10 करोड़ रुपये सरकार ने कोरोना के मद्देनजर एक्सग्रेसिया के लिए रिजर्व किए हैं। बिजली उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज में छूट देने से सरकार पर 30 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ेगा। दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1000 करोड़ रुपये रखे हैं। उन्होंने जनता से वित्तीय संकट में सरकार के सहयोग की अपील की है।

आढ़तियों से मार्मिक अपील- पैसे नहीं प्रदेश की चिंता करें
सीएम मनोहर लाल ने मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे आढ़तियों से मार्मिक अपील की हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग वित्तीय संकट के कारण अभी पूरी नहीं की जा सकती लेकिन उचित समय पर मान ली जाएगी। वह पैसे की जगह समाज व प्रदेश की चिंता करें।


इस समय ऐसे आढ़ती चाहिए जो कहें कि पैसा न भी मिले न सही, सरकार की सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि आढ़ती विपदा के समय कोई गलती न करें सरकार के नियमों को मानें व सहयोग दें। अभी हम रुके हैं, समय नहीं रुका। इस समय से पार पा लेंगे और अच्छा समय जल्दी आएगा। सीएम ने बताया कि सैकड़ों किसानों ने मंडियों में सरकार को सरसों दान की है। 56 किसान एक ही मंडी के हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed