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Haryana: 10 जिलों में अटकी विवाह शगुन की आर्थिक सहायता, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर टॉप पर

Mon, 19 Dec 2022 12:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 19 Dec 2022 12:55 AM IST
सार

प्रदेश के 10 जिलों में योजना से संबंधित एक भी आवेदन लंबित नहीं है। इनमें कैथल, करनाल, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद और फतेहाबाद जिले शामिल हैं।

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Financial assistance of Vivah Shagun Yojna stuck in 10 districts of Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

हरियाणा में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत मिलने वाली सहायता के कुल 2374 मामले लंबित चल रहे हैं। इसमें सबसे अधिक लंबित मामले यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिले के हैं। इनके बाद नूंह, रेवाड़ी, नारनौल समेत, झज्जर समेत अन्य जिलों का नाम आता है। इसके अलावा, खामियों के चलते 588 आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। लंबे समय से केस लंबित चलने से आवेदक परेशान हैं और समाज कल्याण अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। 

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पिछले दिनों विभागीय मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने इस संबंध में बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा कर तेजी लाने का निर्देश दिया था। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 11920 लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसके विपरीत विवाह शगुन के सबसे अधिक लंबित मामले यमुनानगर में 793 और कुरुक्षेत्र में 547 हैं। इसी प्रकार, नूंह 294, रेवाड़ी 252, नारनौल 183, झज्जर 150, गुरुग्राम 49, हिसार 52 पंचूकला 40 और अंबाला जिले में 14 केस लंबित हैं। आवेदनों में कमियों के चलते कुल 588 आवेदन रद्द किए गए हैं। इनमें अंबाला में 25, भिवानी 43, गुरुग्राम 157, जींद 84, कैथल 63, करनाल 25, कुरुक्षेत्र 141, नूंह 8, नारनौल जिले में 42 आवेदन रद्द हुए। 
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अहम बात यह है कि अधिकतर मामले जिलास्तर पर ही लंबित हैं। मुख्यालय स्तर पर मामले लंबित नहीं हैं, कई स्थानों पर आर्थिक सहायता देने के लिए मामले कोषागार कार्यालय में भेजे हुए हैं, वहां पर भी देरी हो रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आवेदनों में खामियों के चलते मामलों में देरी हुई है। गौर हो कि आर्थिक सहायता हासिल करने के लिए पात्र व्यक्तियों को विवाह का पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है।
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10 जिलों में कोई भी आवेदन लंबित नहीं
प्रदेश के 10 जिलों में योजना से संबंधित एक भी आवेदन लंबित नहीं है। इनमें कैथल, करनाल, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद और फतेहाबाद जिले शामिल हैं। इसी प्रकार, 12 ऐसे जिले हैं, जहां पर एक भी आवेदन रद्द नहीं किया गया है। इनमें यमुनानगर, सोनीपत, सिरसा, रोहतक, रेवाड़ी, पलवल, पंचकूला, पानीपत, झज्जर, फतेहाबाद, फरीदाबाद, चरखी दादरी जिले शामिल हैं। 


यह है योजना
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, विमुक्त और टपरीवास जाति की लड़कियों की शादी पर 71 हजार रुपये की राशि दी जाती है। विधवाओं, तलाकशुदा, अनाथ और बेसहारा औरतों और (1.80 लाख सालाना से कम आय वाले) को 51 हजार की राशि दी जाती है। महिला खिलाड़ी, सामान्य वर्ग व पिछड़े वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्ति की लड़की की शादी में 31 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसी प्रक्रार, सामूहिक विवाह करने वाले जोड़े को 51 हजार की राशि दी जाती है।

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