पंजाब में ब्लैक फंगस: पटियाला में दो मरीजों की मौत, फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में दो पीड़ित मिले
पंजाब में कोरोना के घटते मामलों के बीच ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों पर खास निगरानी रखनी शुरू कर दी है। मुक्तसर में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत दर्ज की गई तो वहीं फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में दो मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है।
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पंजाब में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने लगे हैं। अमृतसर में ब्लैक फंगस के 11 मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग खास निगरानी रख रहा है। 19 मई को अमृतसर में ब्लैक फंगस के नौ मरीज मिले थे। 20 मई को दो और मरीजों की पुष्टि हुई। वहीं मुक्तसर के गांव भलाईआणा में 65 वर्षीय बुजुर्ग ने ब्लैक फंगस की वजह से जान गंवा दी। इससे पहले गिदड़बाहा के मरीज ने बठिंडा के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में भी दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है।
फरीदकोट मेडिकल अस्पताल में ब्लैक फंगस के दो केस
बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के तहत गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाराधीन लेवल-3 के 374 कोविड मरीजों में से छह में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से रविवार को दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि चार संदिग्ध की रिपोर्ट का इंतजार है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. शिलेख मित्तल ने बताया कि छह मरीजों में ब्लैक फंगस जैसे लक्षण पाए जाने के बाद इनके सैंपल भेजे गए थे और इनमें से दो में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है, जो फिरोजपुर व फाजिल्का के रहने वाले है। हालांकि दोनों की हालत स्थिर है। उनके उपचार के लिए विशेष टीम बनाई है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल अस्पताल में मालवा के विभिन्न जिलों से संबंधित कोविड मरीजों का उपचार हो रहा है और वर्तमान में अस्पताल के 450 बेड वाले कोविड वार्ड में 374 मरीज दाखिल हैं। उधर, सिविल सर्जन डॉ. संजय कपूर ने बताया कि हालांकि अभी तक फरीदकोट जिले में ब्लैक फंगस का कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ है और मेडिकल अस्पताल में सामने आए दोनों मरीज बाहरी जिले के रहने वाले हैं। वहीं फिरोजपुर के सिविल अस्पताल के डॉ. युवराज नारंग का कहना है कि फिरोजपुर में ब्लैक फंगस का एक मामला है। मरीज फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल है।
मोगा में ब्लैक फंगस के दूसरे मरीज की हुई पुष्टि
सहायक सिविल सर्जन डॉक्टर जसवंत सिंह के अनुसार मोगा जिले में ब्लैक फंगस के दूसरे मरीज की पुष्टि हुई है। जिसे मोगा के निजी अस्पताल से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया है। शनिवार को शाम ही मरीज को मोगा के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था और 72 वर्षीय समालसर निवासी मरीज को ब्लैक फंगस की पुष्टि होने पर पीजीआई रेफर कर दिया है। बता दें कि मोगा में ब्लैक फंगस का यह दूसरा केस है। इससे पहले बीते सप्ताह मोगा के कस्बा कोटइसे खां में ब्लैक फंगस से 62 वर्षीय एक व्यक्ति पीड़ित मिला था लेकिन उपचार के बाद वह ठीक हो गया था।
राजिंदरा में ब्लैक फंगस के दो मरीजों की मौत
पटियाला स्थित सरकारी राजिंदरा अस्पताल में ब्लैक फंगस के दो और मरीजों की मौत हो गई है। इससे अब राजिंदरा में ब्लैक फंगस के मरीजों की मौत का आंकड़ा चार हो गया है। जबकि इस समय अस्पताल में आठ ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं। उधर शहर के निजी अस्पताल में एक और ब्लैक फंगस के केस की पुष्टि हुई है।
सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर सिंह ने बताया कि सरकारी राजिंदरा अस्पताल में ब्लैक फंगस के गंभीर हालत के दो और मरीजों की मौत हो गई है। इससे अब अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों की मौत का आंकड़ा चार पहुंच गया है। वहीं, इस समय अस्पताल में आठ ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं।
सिविल सर्जन ने बताया कि राजिंदरा में ब्लैक फंगस के 14 मरीज दाखिल थे, जिनमें से दो को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इन मरीजों के दिमाग तक ब्लैक फंगस पहुंच गया था। वहीं शहर के एक निजी अस्पताल में रविवार को एक और केस की पुष्टि के बाद निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के केसों की कुल गिनती पांच हो गई है। सिविल सर्जन ने कहा कि सरकार के पास ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की डिमांड भेजी गई है। हालांकि अभी तक इसकी कोई दवा न आने के कारण डॉक्टरों को वैकल्पिक दवाएं देने के लिए कहा जा रहा है।
होशियारपुर में ब्लैक फंगस का पहला मामला
होशियारपुर में ब्लैक फंगस ने भी दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने रविवार को बताया कि शनिवार को जिले में ब्लैक फंगस का पहला मरीज सामने आया है। यह मरीज एक 55 वर्षीय महिला है जो हाल ही में कोविड-19 से ठीक हुई थी। हैरत की बात यह है कि मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करने की बात कही जा रही है। वहीं जिले के सिविल सर्जन को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के रंधावा बरोटा गांव की एक महिला हाल ही में कोविड-19 से स्वस्थ हुई थी। आज उसने ईएसआई अस्पताल में ओपीडी में कुछ पोस्ट कोविड जटिलता की सूचना दी। ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर उसे सिविल अस्पताल होशियारपुर रेफर कर दिया गया, जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे इस बारे में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ. रंजीत सिंह घोतड़ा ने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ईएसआई अस्पताल की ओर से उनके कार्यालय को सूचित किया जाना चाहिए था लेकिन उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है।
सिविल सर्जन ने कहा कि मुझे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच करनी पड़ेगी। करीब एक घंटे बाद सिविल सर्जन ने फोन पर बताया कि लक्षण तो ब्लैक फंगस के लग रहे हैं लेकिन अभी इसे घोषित ना कर संदिग्ध माना जा रहा है। क्योंकि मरीज को टाइप टू डायबिटीज जैसी विभिन्न जटिलताएं भी हैं।