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डीजीपी दिनकर गुप्ता बोले, मिशन की तरह चलाई जाएगी नशे के खिलाफ मुहिम

Sun, 28 Jul 2019 01:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 28 Jul 2019 01:42 AM IST
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fight against drug addiction will be run like a mission says DGP Dinkar Gupta
ड्रग्स की लत

पंजाब पुलिस के लिए प्राथमिकताएं तय करते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने राज्य पुलिस के सभी सीनियर अधिकारियों समेत ज़िला पुलिस प्रमुखों, पुलिस कमिश्नरों और अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों से कहा है कि आतंकवाद जैसे अपराध और नशे के ख़िलाफ़ मुहिम पंजाब पुलिस का मुख्य एजेंडा है। 

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इस काम में ढील बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। शनिवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजीपी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मीटिंग बुलाई गई, जिसमें एडीजीपी एसटीएफ और एसटीएफ के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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मीटिंग के दौरान डीजीपी ने क्षेत्रीय अधिकारियों से कहा कि राज्य से नशे के ख़ात्मे के लिए वह एसटीएफ के साथ एक टीम की तरह मिलकर काम करें। उन्होंने ज़िला पुलिस मुखियों को इस मुहिम के तहत कार्यवाही करने के लिए रणनीतिक योजना के अनुसार काम करने को कहा। 
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उन्होंने अफसरों से कहा कि वह एनडीपीएस कानून के अंतर्गत तस्करों, छोटे नशा विक्र्तेताओं और भगौड़े अपराधियों को गिरफ्तार करके बेहतर जांच करें और उनसे नशों की बरामदगी करें। 

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अदालतों में चलते मुकदमों की उपयुक्त पैरवी करने और अपराधियों द्वारा तकनीकी ख़ामियाँ का सहारा लेकर ज़मानत पर छूट जाने की ओर ध्यान देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने नशा तस्करों के पकड़े जाने पर उनकी कठोर जांच करने को भी कहा ताकि नशा सप्लायर और नशा खरीदने वालों तक पहुंचा जा सके।

डीजीपी ने पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर नशा तस्करों के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने के निर्देश भी दिए। दिनकर गुप्ता ने कहा कि सभी ज़िला पुलिस मुखियों को प्रभावशाली छापेमारी करने के लिए ज़िला फ्लाइंग स्कवायड का गठन करना चाहिए ताकि अपराधियों और नशा सप्लाई करने वालों को काबू किया जा सके। 

उन्होंने आईजी /डीआईजी रेंज को हर महीने के आखिऱी शुक्र्तवार को ‘नशों के विरुद्ध मुहिम ’ की मासिक समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एसटीएफ अधिकारियों को इन समीक्षा मीटिंगों में बुलाया जाए।

इस मीटिंग में विशेष डीजीपी एंड डायरेक्टर (बीओआई) प्रबोध कुमार, एडीजीपी (ट्रैफि?) शरद सत्या चौहान, एडीजीपी (प्रशासन) गौरव यादव, एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) ईश्वर सिंह, एडीजीपी (आईटी एंड टी) कुलदीप सिंह, आईजी (सुरक्षा) एसके सिंह, पुलिस कमिश्नर अमृतसर एसएस श्रीवास्तव, पुलिस कमिश्नर लुधियाना सुखचैन सिंह गिल और सभी रेंजों के आईजी और एसएसपी उपस्थित थे।

बीओआई लगाएगा डीएसपी, एसएचओ के लिए वर्कशाप
एनडीपीएस मामलों में जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए डीजीपी ने डायरैक्टर पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (बीओआई) को अगले दो महीनों में सभी सब-डिविजऩल डीएसपी और एसएचओ के लिए एक दिन की वर्कशाप का आयोजन करने को कहा। उन्होंने डायरैक्टर बीओआई को एनआईए और सीबीआई के सहयोग से डिजिटल सबूतों की रिकार्डिंग संबंधी जांच अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्सों का आयोजन करने को भी कहा।


नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने के निर्देश
मीटिंग के दौरान एडीजीपी एसटीएफ हरप्रीत सिंह सिद्धू ने सभी सीनियर फील्ड अधिकारियों से कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में नशों की सप्लाई पर काबू पाएं और सप्लाई चेन को तोडें। उन्होंने अधिकारियों को मोहल्ला स्तर पर नशों की रोकथाम पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा और प्रत्येक गाँवों के समूह स्तर के पुलिस अधिकारियों की तैनाती का सुझाव भी दिया।

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