पहली बारः कोख में बेटा या बेटी, जांच कराने वाली मां को सजा

प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 04 Jun 2015 06:11 PM IST
Feticide: now mother will also be punished
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार अब उन गर्भवती महिलाओं को भी नहीं बख्शेगी, जो गर्भपात करवाने के लिए लिंग जांच करवाती हैं।

ऐसी महिलाओं के कृत्य को सरकार अपराध की श्रेणी में रखेगी। मुकदमा दर्ज करते समय ऐसी माताओं के खिलाफ पूरी मजबूती से केस भी तैयार होगा।

हरियाणा सरकार को यह ताकत अंबाला न्यायालय के एक ताजा फैसले से मिली है, जिसमें एक गर्भवती महिला को अदालत ने दो साल की सजा सुनाई है। हरियाणा में यह पहला मामला है, जब इस तरह की किसी महिला को सजा सुनाई गई है।

इसके अलावा भिवानी में भी सरकार ने एक ऐसा ही केस दर्ज करवाया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की एक एएनएम भी शामिल थी। एएनएम एक दलाल के साथ किसी अन्य व्यक्ति की दुकान में जांच का काम करती थी।

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गर्भवती के साथ दलाल को भी कैद

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