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Hindi News ›   Chandigarh ›   Fear of violence in Haryana, 90 companies given for security for loksabha election 2024

Loksabha Election: हरियाणा में हिंसा की आशंका, सुरक्षा के लिए 90 कंपनियां मिली, अतिरिक्त फोर्स मांगी

Tue, 14 May 2024 05:23 PM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 14 May 2024 05:23 PM IST
सार

हरियाणा में मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे ही प्रदेश में माहौल बदल रहा है। हिसार से जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला के काफिले पर हमला हो चुका है, इसी प्रकार हिसार से भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह, सिरसा से भाजपा प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर का भी लगातार विरोध हो रहा है। कई स्थानों पर काले झंडे दिखाने के साथ साथ लोग सीधे नेता से सामना कर रहे हैं। इनमें पूर्व डिप्टी सीएम और जजपा नेता दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला भी शामिल हैं।

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विस्तार

हरियाणा में छठे चरण में हो रहे लोकसभा चुनावों में किसान आंदोलन का असर दिख रहा है। सत्ता में शामिल रहे भाजपा और जजपा नेताओं के विरोध के बढ़ते मामलों और काफिलों पर हो रहे हमलों को देखते हुए लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराना चुनाव आयोग के लिए चुनौती बन गया है। 

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नेताओं के काफिलों पर पत्थरबाजी के बाद मतदान के समय प्रदेश में कई स्थानों पर हिंसा की आशंका बढ़ गई है। खुफिया एजेंसियों ने भी सरकार को इस तरह का इनपुट दिया है। हरियाणा पुलिस ने पहले भी केंद्र से केंद्रीय शस्त्र पुलिस बलों की 200 कंपनियां मांगी थी। 
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डीजीपी शत्रुजीत कपूर के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय ने हरियाणा को 90 कंपनियां देने का फैसला लिया है। खुफिया इनपुट के आधार पर हरियाणा अब केंद्र सरकार से और अतिरिक्त सुरक्षा कंपनियों की मांग करने जा रहा है। अब तक केवल 15 कंपनियां ही आई हैं। इनमें 8 कंपनियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) हैं और 7 कंपनियां आईटीबीपी की हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, दोबारा से एक प्रस्ताव तैयार कर 50 और कंपनियों की मांग की जाएगी। पिछली बार प्रदेश को 95 कंपनियां मिली थी।
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संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त होगी सुरक्षा
प्रदेश में कुल 19 हजार 812 मतदान केंद्र होंगे। इनमें 6 हजार 224 शहरी और 13 हजार 588 ग्रामीण मतदान केंद्र शामिल हैं। इनमें 2,289 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर मतदान प्रभावित करने की आशंका की आशंका हैं। इसी प्रकार प्रदेश में 63 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर पिछली बार 90 फीसदी मतदान हुआ और एक प्रत्याशी को 75 फीसदी मत मिले हो या फिर 10 फीसदी से भी कम मतदान हुआ हो। आयोग ने इनको क्रिटिकल श्रेणी में रखा है। यहां केंद्रीय सुरक्षा एजेसियों के साथ साथ हरियाणा पुलिस के जवान भी तैनात रहेंगे।

यहां हो रहा है खुला विरोध
हिसार, सिरसा, रोहतक, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल और अंबाला संसदीय क्षेत्रों में किसान आंदोलन का असर दिख रहा है। खासकर हिसार और सिरसा में सत्ताधारी पार्टियों के नेताओं को अधिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। खुफिया विभाग इन क्षेत्रों को लेकर पहले भी प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दे चुका है। अब नए सिरे से सुरक्षा को लेकर खाका तैयार किया जाएगा, ताकि कहीं पर मतदान प्रभावित न हो सके।

15 कंपनियां की गई हैं तैनात
अंबाला, हिसार, सिरसा, रोहतक लोकसभा क्षेत्र के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 2-2 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसी प्रकार, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 2 कंपनियां और कुरुक्षेत्र, करनाल, भिवानी-महेंद्रगढ़, गुरुग्राम व फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्रों में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की एक-एक कंपनी तैनात की गई हैं।


90 कंपनियां देने की मंजूरी मिली है। हरियाणा में कुछ स्थानों पर विरोध और हमलों के मामलों को देखते हुए दोबारा से केंद्र से अतिरिक्त कंपनियां देने के लिए मांग की जाएगी। किसी भी सूरत में प्रदेश का माहौल नहीं बिगड़ने दिया जाएगा और न ही मतदान प्रभावित होने दिया जाएगा। हर बूथ पर कड़ी सुरक्षा होगी। - अनुराग अग्रवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा।

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