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बाप की अर्थी को कंधे का इंतजार, बेबस बेटा एटीएम की लाइन में बेजार

Sun, 11 Dec 2016 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 11 Dec 2016 01:15 AM IST
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Father's bier was waiting in line but felt compelled son of ATM
पीड़ित शशिकांत - फोटो : अमर उजाला

शनिवार को तो पूरा शहर दस फीसदी एटीएम के सहारे रहा। इन एटीएम में भी कैश दोपहर बाद  ही डाला गया जो कि मुश्किल से शाम तक चले। नोटबंदी से  लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत एक दिसंबर से हो रही है।

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इस महीने में दस दिन बीतने के बाद भी न तो कतारों में कोई कमी आई है और नहीं ही लोगों की दिक्कतों में। लोगों का कहना है कि इतने लाचार तो वो नौकरी छूट जाने या बेरोजगार होने पर भी नहीं होते। देर रात भी सेक्टर 17 में लंबी लंबी कतारें लगी रहीं।
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नोटबंदी के आगे शायद ही कोई इतना  मजबूर व लाचार होगा जितना कि आज एसबीआई के खाली पड़े एटीएम की लाइन में लगे शशिकांत है। शशिकांत की मजबूरी सुनकर आपकी आंखे भी भर आएंगी। 
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शनिवार सुबह सेक्टर 17 स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम की लाइन में बिहार के गया के रहनेवाले शशिकांत बैचेन से खड़े एटीएम के चलने का इंतजार कर रहे थे। एटीएम दोपहर एक बजे तक पैसे नहीं डले थे। 

लेकिन एटीएम के बाहर कतार में खड़े सैकड़ों लोगों को उम्मीद थी कि पैसा उसी एटीएम में आएगा। बैंक स्कावयर में दर्जनभर एटीएम थे लेकिन दोपहर तक पैसा किसी भी एटीएम में नहीं आया था। उन एटीएम के बाहर कोई लाइन भी नहीं थी। क्योंकि उनमें पैसा आने की किसी को कोई उम्मीद भी नहीं थी।

Father's bier was waiting in line but felt compelled son of ATM
एटीएम के बाहर लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला

शशिकांत ने बताया कि वो यहां पीयू में रहते है। इंवायरमेंट स्टडी विभाग में तैनात है। शशिकांत ने बताया कि बुधवार को घर से खबर आई है कि उनके 65 वर्षीय पिता कि मृत्यु हो गई है।

उसके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वो घर जा सके। शशिकांत ने बताया कि मोबाइल एप पर पैसों वाला एटीएम तलाशा तो पाया कि शहर के किसी भी एटीएम पर कैश नहीं है। 
यहां लाइन लगी देखी तो लाइन में लग गया लेकिन पता चला अभी कैश यहां आ रहा है।

लेकिन एक घंटे से तो कैश डला नहीं। शशिकांत की पिता की मौत की खबर जब लाइन में लगे अन्य लोगों को पता चली तो उन्होंने शशिकांत को लाइन में सबसे आगे बुला लिया और जैसे ही कैश डला शशिकांत ने पैसे निकाले और स्टेशन की तरफ भागा।

वहीं एटीएम की लाइन में इंतजार कर रहे धनास के भगत सिंह ने बताया कि धनास से लेकर सेक्टर 17 तक सब एटीएम खाली पड़े है। यहां भी एक एटीएम पर पैसे है जिस पर इतनी लंबी लाइन है कि दो घंटे तक नंबर नहीं आएगा।

सेक्टर 22 के रहने वाले अजय कुमार अपने बच्चे को लेकर लाइन में घंटों तक लगे रहे। अजय ने बताया कि वो बच्चे के साथ लाइन में लगे है। जबकि उनकी पत्नी बैंक स्कावयर में अन्य एटीएम चैक करने गई है कहीं कोई एटीएम चलता मिल जाए। 

शनिवार को तो पूरे शहर  दस फीसदी एटीएम के सहारे ही चला। उन  दस फीसदी एटीएम में कैश  दोपहर बाद  ही डाला गया। जो कि मुश्किल से शाम तक चले। 

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