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असमय छोड़ गए पिता तो चूर-चूर हुए दो मासूम बेटियों के सपने, जानिए मामला
दीपक शाही /अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 12 Oct 2016 10:18 PM IST
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घर में लगी आग में दो मासूम बच्चियों के पिता की मौत
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हादसे में पिता की मौत हो गई। इस तरह असमय पिता का साया सिर से उठ गया तो दो मासूम बेटियों के सपने चूर-चूर हो गए। दोनों बेटियों को अभी यकीन नहीं है कि उनके पिता अब उनके बीच नहीं हैं। यकीन भी तो कैसे हो? आनंद एक सप्ताह पहले तक बेटी प्रियंका को संगीत सिखाने के लिए ले जाते थे। साथ ही बेटे अनमोल से वादा किया था उसके बर्थडे पर बड़ा केक लाएंगे।
साथ छतबीड़ जू भी घुमाने ले जाएंगे। अपने पिता की तस्वीर लिए इन बच्चों की आंखों में अब सिर्फ आंसू हैं, जिनका अंत नहीं। मां बच्चों को समझाते-समझाते खुद सुबकने लगती हैं। आनंद का शव जब घर आया तो इस हालत में नहीं था कि बच्चे अपने पिता से लिपट सकें। क्या कहें... क्या करें... इन मासूमों को समझ नहीं आ रहा था। बस बिलखते हुए यही कहते... डैडी हमें छोड़कर क्यों चले गए... अब आपकी बेटी को कौन प्लेबैक सिंगर बनाएगा।
समय पर सहायता मिल जाती तो बच सकती थी आनंद की जान
बच्चे बीच बीच में कहते हैं कि समय पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के आपातकालीन नंबरों पर फोन मिल गया होता तो शायद पिता की जान बच सकती थी। शायद वह हमारे साथ होते। प्रियंका की मां घर के एक कोने में बेसुध बैठी थीं। परिजन कहते हैं कि प्रियंका की मां पांच अक्तूबर का दिन याद करके जोर-जोर से चिल्लाने लगती है। मां की ऐसी स्थिति देखकर बच्चे छुपकर रोने लगते हैं।
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उन्हें लगता है कि उन्हें रोते देख उनकी मां की तबीयत और ज्यादा खराब हो जाएगी। प्रियंका बताती है अभयपुर से सुबह करीब चार बजे बुआ का फोन आया कि घर में आग लग गई है। इतना सुनकर पिता आनंद तुरंत उठे और बुआ के घर चले गए। घर पास में ही होने के कारण उनके पीछे-पीछे भागती मैं भी आ गई। पिता की लाड़ली जो थी।
अनोमल कहता है कि उसके पिता ने वादा किया था कि 24 अक्तूबर को उसके जन्मदिन पर घर पर बड़ा केक लेकर आएंगे। दीपावली में पटाखे भी दिलवाएंगे। जन्मदिन के अगले दिन छतबीड़ चिड़ियाघर में घुमाने का भी वादा किया था।
अब कौन बनाएगा प्लेबैक सिंगर : प्रियंका
प्रियंका कहती है कि मेरे पिता का सपना था प्लेबैक सिंगर बनाने का। वह सप्ताह में तीन दिन संगीत सिखाने के लिए लेकर जाते थे। घर में रियाज के लिए उन्होंने हारमोनियम खरीदा था। प्रियंका कहती हैं कि अब किसके साथ संगीत सीखने जाऊंगी। इतना कहते ही उसकी आवाज भार आई। वह अपने छोटे भाई अनमोल के लिए बताती है कि उसके पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे।
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साथ छतबीड़ जू भी घुमाने ले जाएंगे। अपने पिता की तस्वीर लिए इन बच्चों की आंखों में अब सिर्फ आंसू हैं, जिनका अंत नहीं। मां बच्चों को समझाते-समझाते खुद सुबकने लगती हैं। आनंद का शव जब घर आया तो इस हालत में नहीं था कि बच्चे अपने पिता से लिपट सकें। क्या कहें... क्या करें... इन मासूमों को समझ नहीं आ रहा था। बस बिलखते हुए यही कहते... डैडी हमें छोड़कर क्यों चले गए... अब आपकी बेटी को कौन प्लेबैक सिंगर बनाएगा।
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समय पर सहायता मिल जाती तो बच सकती थी आनंद की जान
बच्चे बीच बीच में कहते हैं कि समय पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के आपातकालीन नंबरों पर फोन मिल गया होता तो शायद पिता की जान बच सकती थी। शायद वह हमारे साथ होते। प्रियंका की मां घर के एक कोने में बेसुध बैठी थीं। परिजन कहते हैं कि प्रियंका की मां पांच अक्तूबर का दिन याद करके जोर-जोर से चिल्लाने लगती है। मां की ऐसी स्थिति देखकर बच्चे छुपकर रोने लगते हैं।
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उन्हें लगता है कि उन्हें रोते देख उनकी मां की तबीयत और ज्यादा खराब हो जाएगी। प्रियंका बताती है अभयपुर से सुबह करीब चार बजे बुआ का फोन आया कि घर में आग लग गई है। इतना सुनकर पिता आनंद तुरंत उठे और बुआ के घर चले गए। घर पास में ही होने के कारण उनके पीछे-पीछे भागती मैं भी आ गई। पिता की लाड़ली जो थी।
अनोमल कहता है कि उसके पिता ने वादा किया था कि 24 अक्तूबर को उसके जन्मदिन पर घर पर बड़ा केक लेकर आएंगे। दीपावली में पटाखे भी दिलवाएंगे। जन्मदिन के अगले दिन छतबीड़ चिड़ियाघर में घुमाने का भी वादा किया था।
अब कौन बनाएगा प्लेबैक सिंगर : प्रियंका
प्रियंका कहती है कि मेरे पिता का सपना था प्लेबैक सिंगर बनाने का। वह सप्ताह में तीन दिन संगीत सिखाने के लिए लेकर जाते थे। घर में रियाज के लिए उन्होंने हारमोनियम खरीदा था। प्रियंका कहती हैं कि अब किसके साथ संगीत सीखने जाऊंगी। इतना कहते ही उसकी आवाज भार आई। वह अपने छोटे भाई अनमोल के लिए बताती है कि उसके पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे।