हरियाणा: खरीद न होने से मंडियों में भीगा धान, आज सीएम आवास व सांसदों-विधायकों के घर घेरेंगे किसान
हरियाणा में धान की खरीद अब 11 अक्तूबर से शुरू होगी। केंद्र सरकार के पत्र के बाद प्रदेश सरकार को खरीद प्रक्रिया को टालना पड़ा। इस बीच किसान सरकार के इस फसले से खफा है। शनिवार को किसान सीएम आवास समेत सांसदों व विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।
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एक अक्तूबर से खरीद टलने और अनाज मंडियों में धान भीगता देख किसानों में उबाल आ गया। कुरुक्षेत्र और करनाल में जमकर हंगामा किया। शनिवार को सीएम आवास समेत सांसदों-विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा। शुक्रवार सुबह किसान करनाल में मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर दोनों मुख्य गेट पर ताले जड़कर धरने पर बैठ गए।
आढ़तियों ने भी साथ दिया। इससे मंडी सचिव चंद्रप्रकाश और 25 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय के अंदर करीब आठ घंटे बंधक रहे। भाकियू (चढूनी) के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जगदीप औलख की अगुवाई में एकत्र हुए किसानों ने शाम छह बजे धरना खत्म किया तो अधिकारी-कर्मचारी बाहर निकल सके।
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किसानों ने एलान किया कि शनिवार सुबह 10 बजे अनाज मंडी में एकत्र होंगे और 11 बजे मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने के लिए रवाना होंगे। उधर, कुरुक्षेत्र में धान खरीद टलने से नाराज किसानों ने बीआर चौक पर जाम लगा दिया। नायब तहसीलदार जयबीर रंगा और एएफएसओ अनिल वर्मा किसानों को समझाने पहुंचे।
दोनों अधिकारी कुर्सी पर बैठकर अपनी बात रखने लगे तो कुछ किसान भड़क गए। दोनों अधिकारियों से कुर्सी छीन ली और अपने बीच बिठा लिया। इस दौरान पुलिस भी बेबस नजर आई। करीब पौने घंटे के बाद अधिकारियों ने डीसी से मुलाकात कर खरीद शुरू करने का बहाना बनाकर अपनी जान छुड़ाई। इसके बाद अफसरों के वापस नहीं लौटने पर नाराज किसानों ने ब्रह्मसरोवर का ताला तोड़ परिसर में ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर दी। पिहोवा, शाहाबाद, लाडवा व इस्माईलाबाद में भी किसानों ने धान खरीद शुरू नहीं होने पर रोष प्रदर्शन किया।
संयुक्त किसान मोर्चा ने बुलाई आपातकालीन बैठक
एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू नहीं होने से किसान शनिवार से हरियाणा में शनिवार से भाजपा-जजपा सांसदों व विधायकों के घरों का घेराव करेंगे। पंजाब में डीसी कार्यालयों को घेरा जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की नौ सदस्यीय समन्वय समिति की आपातकालीन बैठक बुलाकर लिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि धान खरीद जल्द शुरू कराने को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। धान खरीद एक के बजाय 11 अक्तूबर से करने से किसानों में सरकार के खिलाफ खासी नाराजगी है।
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सरकार हर रोज नए बहाने बना रही
धान खरीद में अनावश्यक देरी किए जाने से सरकार का किसान विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। सरकार खरीद को लेकर हर रोज नए बहाने बना रही है। अब सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 क्विंटल से अधिक धान की खरीद न करने की बात कही जा रही है। मंडियां धान की फसल से भरी पड़ी हैं। शनिवार सुबह 10 बजे से पंजाब में डीसी कार्यालयों और हरियाणा में भाजपा-जजपा सांसदों और विधायकों के निवास स्थलों का घेराव कर धरना दिया जाएगा। - गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा।