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केंद्र के विरोध की नई रणनीति बना रहे किसान, पंजाब में अब केंद्रीय योजनाओं के खिलाफ लामबंदी

Tue, 29 Dec 2020 11:26 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 29 Dec 2020 11:26 AM IST
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Farmers will now oppose central projects in Punjab
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के किसान अब केंद्रीय प्रोजेक्टों को रोकने के लिए लामबंद होने लगे हैं। पंजाब के कपूरथला में एक्सप्रेस-वे संघर्ष कमेटी पंजाब ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के नई दिल्ली-कटड़ा-अमृतसर और बठिंडा एक्सप्रेस-वे के विरोध में बैठक कर तमाम केंद्रीय प्रोजेक्ट न बनने देने की घोषणा की है। 

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कमेटी सदस्यों का कहना है कि कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी और भुलत्थ के कई गांवों से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके विरोध में सुल्तानपुर लोधी में कमेटी के बैनर तले इकट्ठा किसानों ने केंद्र सरकार व एनएचआई के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के मकसद से बनने वाले एक्सप्रेस-वे के लिए वह एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे। 
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यह भी पढ़ें - आंदोलन को घर-घर पहुंचाने की रणनीति बना रहे किसान, एक जनवरी को भाकियू ने बुलाई बैठक 
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कमेटी के पंजाब प्रधान सुखदेव सिंह ढिल्लों व चेयरमैन हरमनप्रीत सिंह डिक्की ने कहा कि यह सड़कें किसानों का भविष्य दांव पर लगाकर बनाई जा रही हैं। इसके विरोध में जल्द चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके अगली रणनीति बनाएंगे। कमेटी के जिला प्रधान प्रभदयाल सिंह सैदपुर ने सूबा कमेटी के नेताओं को भरोसा दिलाया कि कपूरथला के किसान उनके साथ खड़े हैं। 

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। पंजाब के किसानों ने 24 घंटों के भीतर जियो के 90 मोबाइल टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे हजारों मोबाइल फोन ठप हो गए हैं। पिछले दो दिनों में पंजाब में किसानों ने 1500 जियो के मोबाइल टावरों को क्षतिग्रस्त किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर ने मोबाइल टावरों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की थी लेकिन किसान नहीं माने।

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