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Haryana: गन्ने का रेट न बढ़ने पर किसान आंदोलन की चेतावनी, पंजाब बढ़ा चुका रेट, चढूनी ने जारी किया वीडियो
Wed, 30 Nov 2022 01:13 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, संवाद, चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, संवाद, चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 30 Nov 2022 01:13 PM IST
सार
चढूनी ने कहा कि हरियाणा में गन्ने की खोई ही 400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। गन्ने का रेट इससे अधिक होना चाहिए। मशीन से गन्ना काटने पर रेट में 5 फीसदी कटौती को सरकार ने इस बार 7 फीसदी कर दिया है। इसे तुरंत वापस लिया जाए।
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गन्ने की फसल को देखते हुए गुरनाम सिंह चढूनी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा में अब तक गन्ने का रेट न बढ़ने पर किसान बिफर गए हैं। भाकियू चढूनी ने जनवरी महीने में आंदोलन की चेतावनी दे दी है। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार सुबह वीडियो जारी किया। कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र के गांव संधोला में किसानों की एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी मुख्य तौर पर पहुंचे।
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गन्ना उत्पादक किसानों ने इस दौरान चढूनी के समक्ष अपनी समस्याएं रखी तो उन्होंने भी गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। किसानों ने कहा कि मशीन द्वारा कटाई किए गए गन्ने पर लगने वाली काट सरकार ने बढ़ाकर सात फीसदी कर दी है जबकि पंजाब में काट केवल तीन फीसदी है और महाराष्ट्र में ये काट 4.5 फीसदी है।
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हरियाणा सरकार ने काट बढ़ाकर सात फीसदी कर दी है। चढूनी ने कहा की हरियाणा सरकार गन्ना किसानों के साथ अन्याय कर रही है एक और तो मिल में पिराई शुरू होने के बाद भी अभी तक गन्ने का रेट घोषित नहीं किया है और गन्ने का मौजूदा रेट हरियाणा प्रदेश में बेहद कम है।
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जबकि हरियाणा में गन्ने का रेट पूरे देश में सबसे अधिक होता था लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद गन्ने के मूल्य उचित वृद्धि नहीं की है जिस कारण पंजाब में गन्ना का रेट 380 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि हरियाणा में केवल 362 रुपये प्रति क्विंटल है। दूसरी और मशीन द्वारा कटाई किए गए गन्ने पर काट बढ़ाकर सात फीसदी कर दी है, जो की किसान पर दौहरी मार है।
गुरनाम चढूनी ने कहा की हैरानी की बात यह है कि गन्ने का रेट 362 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि खोई जो चीनी बनाने के बाद वेस्ट के रूप में बचती है उसका मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल है। इस तरह फसल का मूल्य कम है और वेस्टेज का ज़्यादा। उन्होंने सरकार से मांग की मौजूदा पिराई सत्र के लिए सरकार गन्ने का रेट बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल करें और काट को पंजाब की तर्ज़ पर तीन फीसदी किया जाए, ताकि गन्ना किसान घाटे में ना जाए।
वहीं गुरनाम चढूनी ने सरकार को चेतावनी भी दी की अगर सरकार ने गन्ना का मूल्य मौजूदा पिराई सत्र में नहीं बढ़ाया तो भाकियू(चढूनी) जनवरी माह में आंदोलन करेगी जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। वहीं गुरनाम चढूनी ने किसानों को भी जनवरी माह में आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा।
इस मौके पर कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना,प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वडैच,पिहोवा ब्लॉक प्रधान जोगिंदर काजल ,जसमेर ढाडां,परविंद्र कंबोज,राजेश संधोला,रवि पुनिया,ज़िला पार्षद प्रतिनिधि सुंदरपाल सारसा,भाकियू युवा उप प्रधान व ब्लॉक समिति सदस्य आशुदेव ,सुखविंद्र वडैच व सैंकड़ो किसान मौजूद रहे।
भाकियू की अपील का पंचायत चुनावों में दिखा
ज़िला पंचायत चुनावों के नतीजों पर चढूनी ने कहा की पंचायत चुनावों में जनता ने बीजेपी को सबक सिखाया है और भाकियू की अपील का पूरा असर चुनावों में देखने को मिला है जिसमे उन्होंने बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील की थी, क्योंकि बीजेपी ने किसानो के साथ वायदाखिलाफी की और आंदोलन समाप्ति के दौरान किए गए वायदे को पूरा नहीं किया।