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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers protest rally of PM Modi in muktsar

प्रधानमंत्री को झंडी दिखाने जा रहे 300 किसान हिरासत में, सड़क पर घंटों लगाया जाम

Thu, 12 Jul 2018 09:31 AM IST
जगदीश जोशी, अमर उजाला, गिद्दड़बाहा (मुक्तसर)
जगदीश जोशी, अमर उजाला, गिद्दड़बाहा (मुक्तसर) Updated Thu, 12 Jul 2018 09:31 AM IST
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Farmers protest rally of PM Modi in muktsar
धरने पर बैठे किसान
एक तरफ जहां सात एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रधानमंत्री को काली झंडियां दिखाने में सफल हो गए। वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में झंडियां दिखाने जा रहे तीन सौ किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर की ओर से काली झंडी दिखाने का कार्यक्रम बनाया गया था लेकिन पुलिस ने उनकी योजना को ठप करते हुए प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया। इस कारण गुस्साए किसानों ने गांव फकरसर थेहड़ी के पास धरना लगाकर यातायात ठप कर दिया।
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इस दौरान ही वापस लौट रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भी उनकी कहासुनी हुई। हालांकि बाद में पुलिस ने उनके साथियों रिहा कर दिए। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। भारतीय किसान यूनियन मलोट में पीएम की रैली में काली झंडी दिखाने वाली थी। बड़ी संख्या में किसान प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में गांव फकरसर के डेरा पिंडी में रुके हुए थे।
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पुलिस को पता चलते ही पुलिस ने अध्यक्ष डल्लेवाल, जिला अध्यक्ष सुखदेव सिंह, सुखदेव सिंह मानसा समेत 300 वर्करों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाना कोटभाई में ले गए।
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इससे गुस्साए दूसरे किसानों ने गांव थेहड़ी के पास धरना लगाकर यातायात ठप कर दिया। करीब तीन घंटे चले धरने के दौरान पुलिस ने उनके साथियों को वहीं पर रिहा करते हुए छोड़ दिया। किसान नेताओं ने पीएम की ओर से 180 रुपये एमएसपी बढ़ाने को चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि इससे कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने बादल को किसान विरोधी बताया। 


भाजपा कार्यकर्ताओं से उलझे किसान 
किसान धरना समाप्त करने ही वाले थे कि भाजपा वर्करों की गाड़ियां आ पहुंची। किसानों ने उन्हें भी रोक लिया। इससे भाजपा वर्कर गुस्से में आ गए। उन्होंने बसों से उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने किसानों को बिकाऊ बताते हुए कहा कि किसान काम तो करते नहीं है। बस लोगों को साथ मिला लेते हैं ताकि कर्ज माफ करवाया जा सके। ऐसे कर्ज माफ नहीं होता। पुलिस ने तकरार बढ़ती देखकर दोनों पक्ष को दूर कर घरों को भेज दिया।
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