Farmers Protest: मोहाली-पंचकूला में दूसरे दिन भी डटे हजारों किसान, राकेश टिकैत पहुंचे, कल राज्यपाल से मिलेंगे
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ सीमा पर यूटी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। वाटर कैनन, आंसू गैस और दंगा विरोधी टीम की विशेष तैनाती है। पुलिस की विशेष टुकड़ियां भी मौजूद हैं। पंचकूला में 10 कंपनियों के 900 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ कूच को निकले किसानों का सोमवार को भी मोहाली और पंचकूला में धरना जारी रहा। चंडीगढ़ सीमा पर दूसरे दिन भी हजारों किसान डटे रहे। किसानों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। मोहाली में करीब 10 हजार व पंचकूला में दो हजार किसान पहुंच चुके हैं। इसी बीच, पंजाब के राज्यपाल ने मुलाकात के लिए किसानों को मंगलवार सुबह 11 बजे का समय दिया है।
संयुक्त किसान मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। उधर, धरनास्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसानों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
किसानों को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब दो हजार जवान तैनात किए गए हैं। रविवार रात को भी पंजाब और हरियाणा से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में किसानों का धरनास्थल पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मोहाली में ही सोमवार शाम तक 500 से ज्यादा ट्रॉलियां पहुंच चुकीं थीं।
किसान हक लेकर ही रहेंगे: टिकैत
पंचकूला सेक्टर-5 में धरना दे रहे किसानों से मिलने किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोहाली में भी संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता राकेश टिकैत प्रदर्शन में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसान सरकार से खैरात नहीं बल्कि अपना हक मांग रहे हैं और किसान अपना हक लेकर ही दम लेंगे। सरकार किसानों की जमीन हड़प कर देश को मजूदरों का देश बनाना चाहती हैं लेकिन वे ऐसा नहीं होने देंगे।
ये हैं किसानों की मांगें
किसानों की सरकार से मांग है कि उनकी फसलों (विशेष रूप से दालों) की एमएसपी तय की जाए। वहीं, उन्होंने किसानों पर दर्ज पर्चे रद्द करने, बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, किसानों के कर्ज के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने, आवारा पशुओं और कुत्तों का प्रबंध करने, युवाओं को नशे से बचाने के लिए रोजगार देने, सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को रिहा करने और 60 से ऊपर के बुजुर्गों को एक हजार रुपये प्रति महीना पेंशन देने की मांग की।
धरने पर लंदन से भी पहुंचे लोग
पंजाब के कपूरथला निवासी शैलविंदर सिंह लंदन में रहते हैं। वह वहां की यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत थे और कुछ समय पहले रिटायर हुए हैं। शैलविंदर ने बताया कि किसानों के तीन दिन के महापड़ाव में समर्थन देने वह लंदन से पंचकूला आए हैं। उन्होंने किसानों को भी संबोधित किया और कहा जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तब तक वह पीछे नहीं हटेंगें, डटे रहेंगे।
दो माह का राशन लेकर डटे किसान
भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के प्रेस सचिव रणबीर सिंह ने कहा कि किसान अपने साथ दो महीने का राशन लेकर आए हैं। इसके साथ ही सुबह के समय नहाने के लिए गर्म पानी की भी व्यवस्था कर ली गई है। हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे भी बढ़ सकता है।
एक जुट होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी
शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ने सोमवार को पंचकूला में किसानों के महापड़ाव में पहुंचकर किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की बातें सुननी चाहिए, क्योंकि सरकार की लापरवाही के कारण किसान को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की मांगों में कुछ भी नाजायज नहीं है। सभी किसानों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।