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अबोहर: 15 दिनों से धरनारत किसानों ने घेरा एसडीएम कार्यालय, तीन अधिकारियों को बंधक बनाया

Fri, 02 Jul 2021 04:17 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 02 Jul 2021 04:17 AM IST
सार

किसान का आरोप है कि खेतों में कई माह तक पानी भरा रहने के कारण गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। वहीं सरकार ने खराब फसलों की गिरदावरी भी करवाई लेकिन आज तक एक रुपया मुआवजा नहीं दिया गया। इससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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Farmers protest at SDM office in Abohar of Punjab
किसानों के पास बैठे अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बरसाती पानी और सेम के कारण खराब हुई फसलों के मुआवजे सहित कई अन्य मांगों को लेकर किसानों द्वारा पिछले 15 दिनों से सीतो रोड़ पर धरना लगाया जा रहा था। लेकिन चक्का जाम से लोगों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए किसानों ने गुरुवार को उक्त धरना सड़क से उठाकर एसडीएम कार्यालय के बाहर लगा दिया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने तहसीलदार समेत बिजली और नहरी विभाग के एक्सईएन को भी बंधक बनाकर धरने में शामिल कर लिया। 

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संयुक्त किसान मोर्चा व आजाद किसान मोर्चा ने अन्य किसान संगठनों के सहयोग से सीतो रोड पर करीब 10 दिनों तक धरना लगाया, लेकिन सरकार व प्रशासन ने जब इनकी कोई सुध नहीं ली तो किसानों ने हनुमानगढ़ रोड और मलोट रोड पर भी पक्का धरना लगा दो जुलाई तक शहर के सभी रास्तों को बंद करने का एलान कर दिया।
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किसानों के इस कदम से प्रशासन की आंखें तो नहीं खुली लेकिन सड़कें जाम होने से लोगों की परेशानी किसानों से देखी नहीं गई। आजाद किसान मोर्चा के प्रांतीय प्रधान मनोज गोदारा ने बताया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने धरने को सड़कों से हटाकर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के सामने लगाने का फैसला लिया। 

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गुरुवार को यह धरना एसडीएम कार्यालय के बाहर लगा दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी बीच धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार जसपाल सिंह बराड़, बिजली विभाग के एक्सईएन सुरेश कुमार और नहरी विभाग के एक्सईएन मुख्तयार सिंह राणा को किसानों ने बंधक बनाते हुए धरने में अपने साथ ही बैठा लिया। भाकियू लक्खोवाल के नेता सुभाष गोदारा ने कहा कि भारी बरसात के कारण सेमनाले ओवर फ्लो हो गए जिससे उनकी नरमा की फसल तबाह हो गई। 

खेतों में कई माह तक पानी भरा रहने के कारण गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। वहीं सरकार ने खराब फसलों की गिरदावरी भी करवाई लेकिन आज तक एक रुपया मुआवजा नहीं दिया गया। इससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

किसानों की मांगों में खराब हुई फसलों का मुआवजा जारी करवाना, कच्चे सेमनाले को पक्का करना, नहरी पानी पूरा करना और किसानों को 24 घंटे बिजली देना शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। इधर, धरने के दौरान डीसी से मुलाकात के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। 

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