किसान संगठनों का एलान : अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हरियाणा सरकार का समर्थन करने वाले विधायकों का करेंगे बहिष्कार
- भारत बंद के लिए अन्य संगठनों से भी किया जाएगा संपर्क, भाजपा और जजपा विधायकों का विरोध करेंगे
- भारत बंद में रेल और सड़क दोनों मार्ग रोके जाएंगे, आंदोलन को सफल करने के लिए 17 मार्च को होगी बैठक
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कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का गुस्सा अभी थमा नहीं है। इस बीच हरियाणा सरकार ने भले ही विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को धराशायी कर दिया हो लेकिन सरकार का समर्थन करने वाले विधायकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, किसान संगठनों ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने वाले विधायकों का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर किसान नेताओं ने कहा कि जिन विधायकों ने किसानों की आवाज और फरियाद नहीं सुनी है, उनका बहिष्कार किया जाएगा। अब तय हो गया है कि कौन किसानों के साथ खड़ा है। पहले से गांवों में इनका विरोध हो रहा था और अब उन्हें किसी सूरत में गांव में नहीं आने देंगे।
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संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद मोर्चा सदस्य बूटा सिंह बुर्जगिल, कविता करुंगुटी, डा. आशीष मित्तल, वीरेंद्र सिंह हुड्डा, डा. सुनीलम, विकास सिरसा, राजिंदर सिंह दीपसिंहवाला, जसबीर सिंह ने कहा कि सरकार मुगालते में न रहे कि आंदोलन हो गया है।
आंदोलन पहले की तरह ही जारी रहेगा। किसान फसल की कटाई करेगा तो धरनास्थल की जिम्मेदारी के लिए दूसरे किसानों की व्यवस्था हो गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच का मोर्चा ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और इसकी जरूरत पड़ी तो आगे इस पर फैसला जरूर लेंगे।
26 मार्च को भारत बंद का एलान
आंदोलनरत किसानों ने सभी रेल और सड़क मार्ग जाम करने के साथ 26 मार्च को भारत बंद का एलान किया है। 28 मार्च को किसान नए कृषि कानूनों की होली जलाएंगे। बंद को सफल बनाने के लिए किसानों ने कर्मचारी, मजदूर, ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठनों से भी सहयोग का आह्वान किया है। अगली रणनीति तैयार करने के लिए किसान संगठन 17 मार्च को बैठक करेंगे।
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यह कार्यक्रम तय
- 15 मार्च को ट्रेड यूनियन के साथ कॉरपोरेट और निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन और धरना होगा। इसमें डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस के बढ़ती कीमतों का विरोध भी रहेगा। आंदोलन हर जिले में रेलवे स्टेशन के बाहर होगा और इसके बाद संगठन ज्ञापन देंगे।
- 19 मार्च को मंडी 'बचाओ-खेती बचाओ' आंदोलन किया जाएगा। इसमें मंडी में किसान धरना देंगे और प्रदर्शन करेंगे। इसमें मुख्य मुद्दा जमाबंदी और फरद को लेकर की गई अनिवार्यता का विरोध करेंगे।
- 23 मार्च को शहीदी दिवस मनाया जाएगा और आंदोलन स्थलों पर पूरी बागडोर युवाओं के हाथों में होगी।
- 26 मार्च को भारत बंद करेंगे। किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर कार्यक्रम तय किया गया है। बंद सुबह से शाम तक किया जाएगा। इसमें सड़क और रेलमार्ग बंद करेंगे और परिवहन सेवा व बाजार बंद करने के लिए दूसरे संगठनों से सहयोग मांगा जाएगा।
- 28 मार्च को होली के दिन तीनों कानूनों की प्रतियों धरनास्थल पर जलाई जाएंगी।