केंद्र से किसानों की वार्ता: चंडीगढ़ में तीन घंटे चली बैठक खत्म, 22 फरवरी को फिर होगी मीटिंग
एमएसपी की कानूनी गारंटी व अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले एक साल से शंभू और खनाैरी सीमा पर मोर्चा लगाकर बैठे हैं। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल आमरण अनशन पर बैठे हैं।
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एमएसपी की कानूनी गारंटी व अन्य मांगों को लेकर एक साल से शंभू व खनाैरी सीमा पर धरना दे रहे किसानों की शुक्रवार को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार से अहम वार्ता खत्म हो गई है।
केंद्र सरकार के साथ चंडीगढ़ में किसानों की बैठक खत्म हो गई है। शुक्रवार को लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में दोनों तरफ से कोई हल नहीं निकल पाया है। किसानों के साथ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई थी, जो रात 7.45 बजे तक चली। बैठक में किसानों की मांगों पर कोई हल नहीं निकल पाया है। इस वजह से अब किसानों के साथ दोबारा बैठक होगी। अगली बैठक 22 फरवरी को होगी। इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान भी शामिल होंगे।
बैठक में पंजाब के मंत्री गुरमीत खुड्डियां और कटारूचक्क और डीजीपी गौरव यादव भी रहे मौजूद। वहीं किसानों के प्रतिनिधिमंडल में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, सरवन सिंह पंधेर समेत 28 किसान नेता बैठक में पहुंचे थे।
केंद्र और किसानों के बीच सेक्टर-26 में बैठक हुई। यह बैठक शाम पांच बजे शुरू हुई थी। बैठक के लिए सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टिट्यूट में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी पहुंचे थे। उन्हें एंबुलेंस के जरिये चंडीगढ़ लाया गया था।
बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि किसान नेताओं के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। किसानों के साथ दोबारा बैठक की जाएगी, जो 22 फरवरी को होगी। वहीं, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में केंद्रीय टीम और किसानों के बीच बैठक अच्छे माहौल में हुई है। सरकार ने 22 फरवरी को एक और बैठक बुलाई है। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा लेंगे।
हालांकि हरियाणा की भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) और भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) इस वार्ता से दूर रहेंगे। दोनों संगठनों के अध्यक्षों का कहना है कि उनका खनौरी सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा समर्थन हैं, लेकिन वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है।
Held a significant meeting in Chandigarh with the United Kisan Morcha (Non-Political) and Kisan Mazdoor Morcha, engaging in constructive discussions with farmer representatives.
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) February 14, 2025
Under the leadership of Hon'ble PM Shri @narendramodi ji, we highlighted key decisions for farmers'… pic.twitter.com/M0I2bdzwH5
आंकड़ों के साथ अपनी बात रखेंगे किसान
दूसरी ओर, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि बैठक में केंद्र की तरफ से कौन शामिल होगा। हालांकि 18 जनवरी को केंद्र के अधिकारियों से खनौरी में हुई बैठक में मंत्री स्तर के नेता के शामिल होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि किसान नेता अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखने के लिए पूरी तैयारी के साथ बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने विभिन्न कृषि विशेषज्ञों के साथ विमर्श करके आंकड़े जुटाए हैं, जो एमएसपी और कर्ज माफी के लिए आवश्यक बजट का विवरण पेश करेंगे। उनको उम्मीद है कि यह बैठक सकारात्मक परिणाम लाएगी। वहीं, इस बैठक से एक दिन पहले शंभू बाॅर्डर पर किसानों की महापंचायत हुई। इस बैठक में किसानों की अगली रणनीति पर चर्चा की गई।
डल्लेवाल डाॅक्टरों की निगरानी में जाएंगे
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि डल्लेवाल शुक्रवार सुबह 11 बजे एंबुलेंस में चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। वार्ता के दाैरान भी वह डाॅक्टरों की निगरानी में रहेंगे। वहीं, वीरवार को उनको आमरण अनशन 80वें दिन में पहुंच गया। शुक्रवार को रवाना होने से पहले खनौरी सीमा पर उनकी महापंचायत की बैठक होगी, जिसे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल संबोधित करेंगे।