पंजाब में लगातार जारी पराली जलाने का सिलसिला, किसान बोले- हम असहाय हैं
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पराली को आग लगाने वाले किसानों की शिकायत करना पंचायत की जिम्मेदारी होती है। सियासी दखल के चलते कोई भी पंचायत पुलिस और सिविल प्रशासन को शिकायत नहीं करती।
Punjab: Farmers in Badwal village of Ludhiana continue to burn stubble.
A farmer says, "We are helpless, we don't have any option rather than burning stubble." pic.twitter.com/hYcqzkWUG0विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 22, 2020
पंजाब सरकार का दावा है कि इस बार प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी है। पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन के मुताबिक राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में पांच प्रतिशत से भी ज्यादा की कमी आई है। उन्होंने अधिकारियों से इस दर में और कमी लाने के निर्देश दिए हैं।
तरनतारन में पराली की आग में जिंदा जल गई थी महिला
कुछ दिन पहले पंजाब के तरनतारन जिले के थाना भीखीविंड के अधीन आते गांव वीरम निवासी मनजीत कौर (62) खेत में जल रही पराली की चपेट में आकर झुलस गई थी। निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। मनजीत कौर पत्नी जोगिंदर सिंह निवासी वीरम अपने गांव से स्कूटी पर सवार होकर अपने पौत्र लवप्रीत सिंह पुत्र हरपाल सिंह के साथ भीखीविंड जा रही थी।
फिरोजपुर में भी हो चुका है हादसा
वहीं पंजाब के फिरोजपुर के थाना सदर के तहत गांव महीयां वाला के पास सड़क किनारे खेत में जलाई पराली से फैले धुएं के बीच बस ने एक कार को टक्कर मार दी। इससे कार आगे जा रही दूसरी कार से जा टकराई। इस हादसे में पहली कार में सवार बीएसएफ के कमांडेंट और उनकी बहन एडिशनल सेशन जज गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें जीरा के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था।