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किसान आंदोलन की सजा भुगत रहे किसान : सुरजेवाला

Wed, 30 Oct 2024 02:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 02:01 AM IST
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Farmers are suffering the punishment of farmer movement: Surjewala
-कहा, पिछले साल के मुकाबले हरियाणा और पंजाब में 82. 88 लाख टन कम ख्ररीदा धान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। धान की खरीद को लेकर राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा और पंजाब सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों राज्यों के किसानों को किसान आंदोलन की सजा दी जा रही है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) न देना पड़े, इसके लिए धान की खरीद और किसानों के रजिस्ट्रेशन में आधे से ज्यादा कटौती कर दी गई। पिछले साल के मुकाबले दोनों राज्यों में 82. 88 लाख टन धान कम ख्ररीदा गया है।
सुरजेवाला मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा, हरियाणा में एमएसपी पर खरीद के लिए 4 लाख 19 हजार 532 किसानों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें केवल 1 लाख 33 हजार 114 किसानों की फसल खरीद हुई है। 2.86 लाख किसान अभी तक वंचित हैं। पिछले साल 58.92 लाख टन धान खरीदा गया था। इस साल अभी तक 37.23 लाख टन धान खरीदा गया है जबकि खरीद 15 नवंबर को बंद हो जाएगी। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पांच साल में फर्टिलाइजर, फूड और फ्यूल सब्सिडी में तीन लाख 30 हजार करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। 2020-21 में सब्सिडी सात लाख 58 हजार 165 करोड़ रुपये थी, जिसे चालू बजट में चार लाख 28 हजार 423 करोड़ कर दी गई। दो साल में फूड सब्सिडी में 78 हजार करोड़ की कटौती की गई है।
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पंजाब सरकार पर भी उठाए सवाल

सुरजेवाला ने बताया कि पंजाब में पिछले साल हुई 1.11 करोड़ टन धान खरीद के मुकाबले इस बार अभी तक 49.84 लाख टन धान खरीदा गया है। रजिस्टर्ड किसानों की संख्या भी तीन लाख 22 हजार रह गई है। राष्ट्रीय स्तर की बात करें तो 19 प्रांतों में एमएसपी पर धान बेचने के इच्छुक किसानों की संख्या एक करोड़ 11 लाख से घटकर 51 लाख 20 हजार रह गई है। धान खरीद भी सात करोड़ 19 लाख टन के मुकाबले अभी तक 92 लाख 46 हजार टन हुई है।
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कहां गया 3100 रुपये क्विंटल का धान खरीदने का वादा
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पीआर धान की 2300 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी की जगह किसान को 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल फसल बेचनी पड़ रही है। हरियाणा में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वादा किया था कि आठ अक्तूबर के बाद धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। यह वादा हवा-हवाई साबित हुआ है। आढ़ती का कमीशन ढाई प्रतिशत से काटकर 46 रुपया प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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