पंजाब बंद: जारी रहेगी इंटरनेट सेवा, एसजीपीसी दफ्तर रहेंगे बंद, रेल ट्रैक-सड़कों पर किसानों का डेरा
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पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा घोषित पंजाब बंद और रेल रोको आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर गुरुवार को एक खबर वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि पंजाब में गुरुवार शाम से कल रात तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह खबर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार की तरफ से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इंटरनेट बंद होने की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जबकि सरकार की तरफ से इंटरनेट सेवा बंद करने के बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का एलान नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न किया जाए।
अमृतसर: किसान-मजदूर रेल ट्रैक पर लेटे
कृषि विधेयकों के विरोध में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सैकड़ों सदस्य गुरुवार को जंडियाला के गांव देवीदासपुर के पास अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर लेट गए। गांव के रेलवे स्टेशन पर भी किसानों ने कब्जा कर लिया। किसानों ने रेलवे ट्रैक के आसपास टेंट लगा लिए हैं। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर के अनुसार यह धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकालीन है। प्रदर्शन में आने वाले किसानों के लिए लंगर का भी प्रबंध हैं।
प्रदर्शन के कारण अमृतसर से चलने वाली 12 गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। अमृतसर से कोई भी गाड़ी रवाना नहीं हुईं। जिन गाड़ियां को दिल्ली से अमृतसर पहुंचना था, उन्हें अंबाला में रोक दिया गया। कुछ गाड़ियों के रूटों में परिवर्तन कर उन्हें गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाया गया। वैसे कोरोना के कारण अमृतसर रेलवे स्टेशन से 12 गाड़ियां ही चल रही थी।
वहीं गुरुवार को ट्रेनें रद्द रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। झारखंड जाने वाले चेतन ने बताया कि उनकी टिकट बुक थी लेकिन यहां आकर पता चला कि सभी ट्रेन रद्द हो गई हैं। एक अन्य यात्री कुलदीप का कहना था कि रेलवे को इस बात की जानकारी पहले देनी चाहिए थी।
अमृतसर रेलवे स्टेशन के डीओएम एके सलारिया ने ट्रेनों के रद्द होने की पुष्टि करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही डीआरएम फिरोजपुर ने यह फैसला किया है। आगामी तीन दिन अमृतसर रेलवे स्टेशन से कोई भी गाड़ी न तो रवाना होगी, न आएगी।
किसानों के समर्थन में आज बंद रहेंगे एसजीपीसी के सभी दफ्तर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी नए कृषि विधेयकों का विरोध कर रहे किसान संगठनों को समर्थन देने की घोषणा की है। इन विधेयकों के विरोध में एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने 25 सितंबर को कमेटी के सभी दफ्तरों को बंद करने की घोषणा की है।
लौंगोवाल ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। इसे दबाने व तबाह करने वाले कानून स्वीकार नहीं किये जा सकते। पंजाब के सभी किसान इस कानून का विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार को धक्के से यह कानून लागू नहीं करने चाहिए। केंद्र सरकार किसानों की भावना समझे और अपना अड़ियल रवैया त्यागे।
पठानकोट: भाजपा ने शिरोमणि अकाली दल को बताया विश्वासघाती
पिछले तीन महीने से केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के फायदेमंद बताने वाले अकाली दल (ब) के प्रधान सुखबीर सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने अचानक से यू-टर्न लेकर विश्वासघात किया है। अगर दोस्त (अकाली दल) ही विश्वासघात करे तो उसके बारे क्या कहा जा सकता है। यह बात भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिववीर सिंह ने कही। शिववीर सिंह भाजपा किसान सेल पदाधिकारियों के साथ बैठक में पहुंचे थे। हालांकि, उन्होंने डैमेज कंट्रोल करते हुए कहा कि हर पार्टी को अपने विस्तार का पूरा अधिकार है।
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यूथ कांग्रेस ने मंडी गोबिंदगढ़ में कैंडल मार्च निकाला
यूथ कांग्रेस हलका अमलोह के अध्यक्ष अमित जयचंद शर्मा की अगुवाई में अमलोह रोड पर केंद्र सरकार के किसान विरोधी विधेयकों के खिलाफ कैंडल मार्च निकालकर शांतिमय रोष प्रदर्शन किया।
मंडी गोबिंदगढ़: आप ने मानव श्रृंखला बनाकर किया प्रदर्शन
कृषि विधेयकों के खिलाफ गुरुवार को अमलोह/गोबिंदगढ़ चौक में आम आदमी पार्टी ने मानव श्रृंखला बना कर दो घंटे प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आम आदमी पार्टी हलका अमलोह के इंचार्ज ओंकार सिंह चौहान की अगुवाई में किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ-साथ हर वर्ग इन विधेयकों के पास होने के बाद आर्थिक तौर पर कमजोर हो जाएगा।
मुक्तसर: 'केंद्र सरकार कर रही जनविरोधी काम'
आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को पूर्व हलका अध्यक्ष जगदीप सिंह काका बराड़ की अध्यक्षता में कृषि विधेयक के खिलाफ पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि यह विधेयक लागू होने से केंद्र का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। केंद्र सरकार ने जो भी कार्य किए हैं वे जनता के विरोध में ही किए हैं। चाहे जीएसटी मुद्दा या नोटबंदी हो या फिर यह कृषि विधेयक। केंद्र जब तक इन विधेयकों को रद्द नहीं करती आम आदमी पार्टी संघर्ष करती रहेगी।
किसानों ने निकाला रोष मार्च
कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में शहर में रोष मार्च निकाला। नई दाना मंडी, घास मंडी चौक और मस्जिद चौक में किसानों ने प्रदर्शन को संबोधित किया। किसान नेता गुरादित्ता सिंह, सुखराज सिंह और हरफूल सिंह ने कहा कि देश के अन्नदाताओं को कंगाल करने के लिए पास किए जा रहे कृषि विधेयक कारपोरेट घरानों को मालामाल करने की तैयारी है। इन्हें किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।
अबोहर कांग्रेस ने निकाली ट्रैक्टर रैली
कृषि विधेयकों के विरोध में अबोहर कांग्रेस के प्रभारी संदीप जाखड़ के नेतृत्व में विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। इसमें करीब 250 ट्रैक्टर शामिल हुए। सुबह करीब 10 बजे संदीप जाखड़ के नेतृत्व में खुईयां सरवर से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली आलमगढ़ चौक होते हुए शहर में पहुंची। इस दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस का पूरा प्रबंध किया गया था।
शहर के बीचों-बीच से गुजरती हुई यह रैली नई अनाज मंडी पहुंची। जाखड़ ने कहा कि आज मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों, व्यापारियों एवं दुकानदारों से 25 सितंबर के रोष प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
बटाला : आप ने फूंका मोदी औैर सांसद सनी देओल का पुतला
कृषि विधेयकों के खिलाफ गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने जीटी रोड पर स्थित गांधी चौक में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुरदासपुर के सांसद सनी देओल के पुतले फूंके गए। प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान शैरी कलसी ने की। कलसी ने कहा कि इन काले कानूनों से न केवल किसानों और खेत मजदूर बल्कि आढ़ती, मुनीम, पल्लेदार, ट्रक, ट्राला-ट्राली, टैंपो ऑपरेटर (ट्रांसपोर्टर), खाद और पेस्टीसाइड विक्रेता समेत सभी छोटे-बड़े व्यापारी और दुकानदार भी प्रभावित होंगे।
लुधियाना: कृषि विधेयकों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने जताया विरोध
कृषि विधेयकों के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने लुधियाना के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। इसके तहत पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में बैनर पकड़कर प्रमुख चौकों पर खड़े रहे। प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल ने लोगों को धोखा देने का प्रयास किया है।
पहले भाजपा के हर फैसले में साथ देने वाला अकाली दल अब घड़ियाली आंसू बहा रहा है और हरसिमरत कौर बादल इस्तीफा देकर महज एक ड्रामा कर रही हैं। उनका मानना है कि शांतिमय तरीके से प्रदर्शन ज्यादा देर तक चलता है और असरदार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में अध्यादेश आने से लेकर सितंबर तक अकाली दल इनका समर्थन करती रही।
फिरोजपुर: किसान संगठनों ने रेल पटरी पर लगाए टेंट
किसान संगठनों ने कृषि विधेयकों के विरोध में गुरुवार को फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन के नजदीक बस्ती टैंकावाली के पास रेल पटरी पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। ये धरना 26 सितंबर तक चलेगा। यहीं पर किसान संगठनों ने लंगर की व्यवस्था भी की है। उधर, जलालाबाद में कृषि विधेयकों के विरोध में आम आदमी पार्टी ने ट्रैक्टरों पर रोष मार्च निकाला।
किसान संगठनों ने फिरोजपुर के बाजारों में रोष मार्च निकाला और दुकानदारों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। किसान नेता सतनाम सिंह व सरवन सिंह का कहना है कि धरना 26 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद भी केंद्र ने कृषि विधेयकों को रद्द न किया तो सभी किसान दिल्ली कूच करेंगे।
गुरुहरसहाए में भी किसानों ने रोष मार्च निकाला। जलालाबाद में कृषि विधेयकों के विरोध में आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च किया। आप नेता महिंदर सिंह कचूरा ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च निकाल कर सरकार को सख्त चेतावनी दी जा रही है। आम आदमी पार्टी किसानों के साथ खड़ी है।
किसान आंदोलन को देखते हुए रेल प्रशासन ने फिरोजपुर छावनी व शहर रेलवे स्टेशन के अलावा ट्रैक की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस व आरपीएफ के लगभग 400 जवान तैनात किए हैं। डीएसपी ने कहा कि हिंसक वारदात से बचाव के लिए तमाम बंदोबस्त कर लिए गए हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
गुरदासपुर: कृषि विधेयकों के खिलाफ हरचोवाल सील
किसान मोर्चा औलख द्वारा कृषि विधेयकों के खिलाफ कस्बा हरचोवाल को पूरी तरह से सील कर धरना प्रदर्शन किया गया। किसान मोर्चा औलख के प्रधान रणजीत सिंह ने कहा कि इन विधेयकों को वापस करवाने के लिए मजदूरों, आढ़तियों, साहूकारों और दुकानदारों को किसानों का साथ देना चाहिए। अजीत सिंह ठक्करसंधू ने कहा कि यह केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सोची समझी साजिश है। राजनबीर सिंह घुमाण ने भी विधेयक को रद्द करने की मांग उठाई।
जालंधर: दोधी यूनियन का बंद को समर्थन, आज दूध की सप्लाई नहीं
कृषि विधेयक के खिलाफ किसानों के बंद को दोधी यूनियन ने भी समर्थन दिया है। यूनियन ने 25 सितंबर को दूध की सप्लाई न करने का फैसला किया है। इसके कारण लोगों को दूध की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन के प्रधान मदन लाल शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई अकेले किसानों की ही नहीं बल्कि सभी की लड़ाई है।
इन विधेयक के जरिये केंद्र सरकार निजी कंपनियों व कारपोरेट हाउस को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है। विधेयक के बाद छोटा किसान व छोटा कारोबारी बुरी तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इन हालात में सभी का फर्ज बनता है कि किसान भाइयों का कंधे के कंधा मिलाकर साथ दें।