{"_id":"5fd0573926dd2728101d26ae","slug":"farmer-protest-shiromani-akali-dal-provided-free-diesel-to-farmers-heading-to-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन : दिल्ली जाने वाले किसानों को मुफ्त डीजल मुहैया करवा रहा शिरोमणि अकाली दल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन : दिल्ली जाने वाले किसानों को मुफ्त डीजल मुहैया करवा रहा शिरोमणि अकाली दल
Wed, 09 Dec 2020 10:26 AM IST
निवेदिता शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता शर्मा
Updated Wed, 09 Dec 2020 10:26 AM IST
विज्ञापन
किसान आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे किसानों को फ्री डीजल मुहैया करवाते शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में लोग अपने-अपने तरीके से सहयोग कर रहे हैं। पंजाब से किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए जाने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने वाले किसानों को दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पेट्रोल पंप पर मुफ्त डीजल मुहैया करवाया।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यकर्ता गुरशरण सिंह ने बताया कि हमने यह काम इसलिए शुरू किया है ताकि पंजाब के अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में शामिल होने और इसे और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। हम स्थानीय युवाओं और एनआरआई की मदद से ऐसा कर रहे हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ चुकी है। इसके बाद से पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल लगातार केंद्र पर निशाना साध रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। क्या वे खालिस्तानियों जैसी दिखती हैं। किसानों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया है और अब आप उन्हें राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं। जो लोग उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं वे वास्तव में देशद्रोही हैं।
किसानों के दिल्ली कूच पर और हरियाणा में किसानों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल और उन्हें रोकने के प्रशासनिक प्रयासों को सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब का 26/11 बताया था। उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक विरोध का अंत होते देख रहे हैं। किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए अकाली दल ने हरियाणा और केंद्र सरकार की निंदा की। सुखबीर ने कहा कि पंजाब के किसानों के अधिकारों की लड़ाई को वाटर कैनन के इस्तेमाल से नहीं रोका जा सकता।
विज्ञापन
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यकर्ता गुरशरण सिंह ने बताया कि हमने यह काम इसलिए शुरू किया है ताकि पंजाब के अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में शामिल होने और इसे और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। हम स्थानीय युवाओं और एनआरआई की मदद से ऐसा कर रहे हैं।
विज्ञापन
A Shiromani Akali Dal (SAD) worker Gursharan Singh says, "We have started this to encourage more and more people of Punjab to join the agitation and further strengthen it. We are doing this with the help of the local youth and our NRI friends." https://t.co/VeuSbFxZL8 pic.twitter.com/8Tpzxr7MC0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 9, 2020
कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ चुकी है। इसके बाद से पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल लगातार केंद्र पर निशाना साध रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। क्या वे खालिस्तानियों जैसी दिखती हैं। किसानों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया है और अब आप उन्हें राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं। जो लोग उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं वे वास्तव में देशद्रोही हैं।
किसानों के दिल्ली कूच पर और हरियाणा में किसानों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल और उन्हें रोकने के प्रशासनिक प्रयासों को सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब का 26/11 बताया था। उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक विरोध का अंत होते देख रहे हैं। किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए अकाली दल ने हरियाणा और केंद्र सरकार की निंदा की। सुखबीर ने कहा कि पंजाब के किसानों के अधिकारों की लड़ाई को वाटर कैनन के इस्तेमाल से नहीं रोका जा सकता।