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Kisan Andolan: कल काला दिवस मनाएंगे किसान, कहा- पंजाब सरकार भी केंद्र से मिली, लंगर ले जाने से रोका

Thu, 22 Feb 2024 07:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 22 Feb 2024 07:11 PM IST
सार

शुक्रवार को पंजाब में किसान संगठन काला दिवस मनाएंगे। किसान नेताओं ने लोगों से सभी गांवों, कस्बों, गली और मोहल्लों में अर्थी फूंक प्रदर्शन करने की अपील की। शुक्रवार शाम को ही किसान संगठन आंदोलन की अगली रणनीति बनाएंगे।

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Farmer organizations will celebrate black day on Friday
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर। - फोटो : एएनआई

विस्तार

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर व जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर सिर में गोली लगने से जान गंवाने वाले नौजवान शुभकर्ण सिंह को पंजाब सरकार शहीद का दर्जा और पीड़ित परिवार को उचित मान-सम्मान दे। साथ ही पंजाब की हद में शांतमयी ढंग से आंदोलन कर रहे किसानों पर गोले व गोली दागने के आरोप में हरियाणा के डीजीपी और संबंधित जिले के एसएसपी के खिलाफ मान सरकार जल्द केस दर्ज करे।

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दोनों किसान नेता बुधवार को पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में मीडिया से बात कर रहे थे। पंधेर व डल्लेवाल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब की सीमा के अंदर किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है। अब तक इन्हें हटवाया क्यों नहीं गया? इससे साफ है कि पंजाब सरकार भी केंद्र के साथ मिली है।
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किसान नेताओं ने शुक्रवार को काला दिवस मनाए जाने का एलान किया और लोगों से आह्वान किया कि वह अपने घरों, दुकानों और छोटे व बड़े वाहनों पर काले झंड़े लगाकर सरकार की किसानों पर की गई इस बर्बतापूर्वक कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त करने की अपील की। इसके साथ उन्होंने लोगों से सभी गांवों, कस्बों व गली और मोहल्लों में अर्थी फूंक प्रदर्शन करने की भी अपील की।

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पंजाब पुलिस ने ग्रामीणों को लंगर ले जाने से रोका

किसान नेताओं ने कहा कि मंगलवार को पंजाब पुलिस ने शंभू व खनौरी बॉर्डर के आसपास के गांवों में जाकर घोषणा की है कि कोई भी किसानों के लिए लंगर लेकर न जाएं। लंगर लेकर जा रहे लोगों को रोका गया। उन्हें कहा गया कि किसानी आंदोलन खत्म हो गया है। आज सभी की गिरफ्तारी हो जानी ही है। मान सरकार इस पर अपना पक्ष साफ करे, क्योंकि इससे तो लगता है कि हाथी के दांत खाने के कुछ, दिखाने के और हैं। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी जत्थेबंदियां मान सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती हैं।

किसानों पर हमला हुआ तो पंजाब पुलिस पीछे हटी

पंधेर व डल्लेवाल ने कहा कि मंगलवार को जब खन्नौरी व शंभू बॉर्डरों पर किसानों पर हरियाणा की तरफ से हमले हुए तो पंजाब पुलिस वहीं मौजूद थी लेकिन मुलाजिमों ने कुछ करने के बजाय सभी पीछे हट गए। इससे पहले ही पंजाब पुलिस ने ड्रोन से किसानों पर गोलें फेंके जाने के वक्त कुछ नहीं किया था।

पांच किसान लापता, 113 घायल: डल्लेवाल

किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि पांच किसान लापता हैं। पूरी आशंका है कि उन्हें हरियाणा पुलिस ने उठाया है। इन्हें जल्द छोड़ा जाए। पंधेर ने बताया कि खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को 100 किसान घायल हुए हैं। वहीं शंभू बॉर्डर पर 13 किसानों को चोट आई है। बुधवार को किसान नेताओं की अगुवाई में नौजवान शंभू बॉर्डर पर शांतमयी ढंग से आगे बढ़ रहे थे। तभी उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए। इससे साफ है कि हरियाणा सरकार साजिश के तहत माहौल को खराब करना चाहती थी। मान सरकार को चाहिए कि निहत्थे किसानों पर हमला करने वालों की पहचान करे और उनके खिलाफ केस दर्ज करे।

पंधेर ने कहा कि मोर्चा चड़दी कला में है और हजारों किसान इसमें जुट रहे हैं। केंद्र से बातचीत के मिले न्यौते और आगे किसान जत्थेबंदियां किस तरह से बढ़ेंगी, इस पर पंधेर ने कहा कि शुक्रवार शाम तक सारी बात मीडिया के सामने साफ कर दी जाएगी। फिलहाल वह केंद्र के साथ बातचीत करने के बारे में सोचने की हालत में नहीं हैं क्योंकि आंदोलन में एक 22 साल के नौजवान की मौत हुई है।

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