{"_id":"664d1b38c604a3278b0b4666","slug":"farmer-appeals-to-high-court-for-high-tension-wires-passing-through-agricultural-land-chandigarh-news-c-16-1-pkl1069-426825-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: कृषि भूमि पर से गुजरती हाईटेंशन तारों के लिए किसान ने लगाई हाईकोर्ट से गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: कृषि भूमि पर से गुजरती हाईटेंशन तारों के लिए किसान ने लगाई हाईकोर्ट से गुहार
विज्ञापन
-बिना सुनवाई का मौका दिए फतेहाबाद के डीसी ने जारी किया मुआवजा आदेश
-याची को सुनवाई का मौका देकर दोबारा आदेश पारित करने का डीसी को निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। खेतों से होकर गुजरने वाली हाईटेंशन तारों के लिए मुआवजा देने की मांग को लेकर दाखिल किसान की याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने डीसी को नए सिरे से मुआवजा तय करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए आफताब सिंह खारा ने बताया कि उनकी भूमि फतेहाबाद में है। उनकी भूमि के ऊपर से बिजली की हाईटेंशन तार गुजारी जा रही है और इसके लिए उन्हें मुआवजा नहीं मिला। याची ने बताया कि बिजली के खंभों के लिए मुआवजा दिया जा रहा है लेकिन खेतों के ऊपर का जो मार्ग इस्तेमाल हो रहा है उसका भुगतान नहीं किया गया। केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने इस तरह के मामलों में मुआवजे को लेकर 2015 में दिशा निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों की अनदेखी कर फतेहाबाद के डीसी ने मुआवजा आदेश जारी किया है। साथ ही यह भी बताया कि मुआवजे को लेकर निर्णय लेते हुए याची को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया जो न्याय के सिद्घांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए फतेहाबाद के डीसी को मामला वापस भेजते हुए याची को सुनवाई का मौका देने के बाद नए सिरे से मुआवजा आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
-याची को सुनवाई का मौका देकर दोबारा आदेश पारित करने का डीसी को निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। खेतों से होकर गुजरने वाली हाईटेंशन तारों के लिए मुआवजा देने की मांग को लेकर दाखिल किसान की याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने डीसी को नए सिरे से मुआवजा तय करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए आफताब सिंह खारा ने बताया कि उनकी भूमि फतेहाबाद में है। उनकी भूमि के ऊपर से बिजली की हाईटेंशन तार गुजारी जा रही है और इसके लिए उन्हें मुआवजा नहीं मिला। याची ने बताया कि बिजली के खंभों के लिए मुआवजा दिया जा रहा है लेकिन खेतों के ऊपर का जो मार्ग इस्तेमाल हो रहा है उसका भुगतान नहीं किया गया। केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने इस तरह के मामलों में मुआवजे को लेकर 2015 में दिशा निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों की अनदेखी कर फतेहाबाद के डीसी ने मुआवजा आदेश जारी किया है। साथ ही यह भी बताया कि मुआवजे को लेकर निर्णय लेते हुए याची को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया जो न्याय के सिद्घांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए फतेहाबाद के डीसी को मामला वापस भेजते हुए याची को सुनवाई का मौका देने के बाद नए सिरे से मुआवजा आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।