राष्ट्रपति भवन के सामने सुसाइड करेगा परिवार, वजह चौंकाएगी
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एक परिवार ने राष्ट्रपति भवन के सामने 7 अक्तूबर को मौत को गले लगाने की धमकी दी है। ऐसा करने की वजह चौंकाने वाली है। मामला हरियाणा के हिसार का है। दोस्त से लाखों रुपये की ठगी के बाद सुनील सरदाना नाम के युवक ने चंडीगढ़ में सुसाइड करने की कोशिश की थी, लेकिन वे बच गए। उसके बाद से वे सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, पर निराशा हाथ लगी।
सुनील सरदाना ने बताया कि सरकार भी उन्हें सहयोग नहीं कर रही। उल्टा पुलिस ने अवैध हथियार रखने का आरोप लगाकर उनके परिवार को जेल में बद कर दिया। सुनील सरदाना का कहना है कि वे सरकार से बेहद निराश हैं। उन्हें सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए मैंने ओर मेरे परिवार ने सुसाइड करने का फैसला किया है। परेशान होकर मेरे परिवार ने इस्लाम कबूल लिया था। उसके बाद भी हमें जिल्लत भरी जिंदगी जीनी पड़ रही है। इसलिए हमारे सामने अब कोई और रास्ता नहीं है।
गत 17 सितंबर को कबूल लिया था इस्लाम
गौरतलबल है कि न्याय नहीं मिलने से निराश सुनील सरदाना के परिवार और रिश्तेदारों ने गत 17 सितंबर को हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था। इनका आरोप था कि पंचकूला पुलिस ने सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर उसके पूरे परिवार को ही जेल में डाल दिया था, लेकिन आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
देव वाटिका निवासी सुनील सरदाना के भाई शुभम सरदाना ने बताया कि न्याय न मिलने पर वीरवार को उन्होंने, उनके पिता-माता, बहनों, मौसी, मामा, मौसेरे और ममेरे भाई सहित चार परिवारों के 12 सदस्यों ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपना लिया। एक मौलवी ने कलमा पढ़वा कर धर्म परिवर्तन कराया है।
शुभम ने बताया कि उन्होंने 10 सितंबर को राज्यपाल हरियाणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा था। हमने पंजाबी समुदाय के धर्म गुरु स्वामी धर्मदेव, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, सुभाष सुधा विधायक कुरुक्षेत्र को भी अवगत करवाया था लेकिन किसी ने भी हमारी सुध नहीं ली।
यह था पूरा मामला
सुनील को विवेक मक्कड़, उसकी पत्नी निती मक्कड़ और सब इंसपेक्टर (सिटी हिसार थाना) सतबीर सिंह ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। इसके चलते सुनील ने डीजीपी कार्यालय में सल्फास खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी।
पंचकूला पुलिस ने इस मामले में सुनील के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया। उल्टे, पुलिस ने सुनील के ही पूरे परिवार को जेल में बंद कर दिया था।
किसी के धर्म परिवर्तन की जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। धर्म परिवर्तन किसी भी तरह से समस्या का समाधान नहीं है। सुनील सरदाना मामले में पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
- चंद्रशेखर खरे, डीसी, हिसार