चंडीगढ़: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने साझा की यादें, बोले- नेताजी करते थे हर दिल पर राज
शम्मी मेहरा बताती हैं कि जब उनके ससुर वेद प्रकाश मेहरा अपनी कड़क आवाज में तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा... कहकर हम सभी को बताते थे तो रोंगटे खड़े हो जाते थे। उस समय नेताजी के जोश और पराक्रम के बारे में अहसास होता था।
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स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय वेद प्रकाश मेहरा की बहू शम्मी मेहरा का कहना है कि उनके ससुर की दिनचर्या में देशभक्ति शामिल थी। स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाषचंद्र बोस, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की बातों को याद कर वह हमारा उत्साह बढ़ाते थे। आज भी ऐसा लगता है कि नेताजी हमारे आसपास हैं। शम्मी मेहरा बताती हैं कि जब उनके ससुर वेद प्रकाश मेहरा अपनी कड़क आवाज में तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा... कहकर हम सभी को बताते थे तो रोंगटे खड़े हो जाते थे। उस समय नेताजी के जोश और पराक्रम के बारे में अहसास होता था।
शम्मी मेहरा कहती हैं कि हमारे देश के सभी भागों में काफी विकास हुआ है। ससुर बताते थे कि पहले सड़कें नहीं थी। अस्पताल, शिक्षण संस्थान बेहतर नहीं थे। लोग विदेश में पढ़ने जाते थे, लेकिन अब हमारे देश में ही हर क्षेत्र में बेहतरीन सुविधाएं मिलने लगी हैं। उनका कहना है कि सास बिमला मेहरा अभी भी जिंदा हैं।
उन्होंने आजादी की लड़ाई में ससुर जी का भरपूर सहयोग दिया। शम्मी कहती हैं कि सास काफी बुजुर्ग हो गई हैं। वे स्वयं से कोई काम नहीं कर सकती हैं। सुभाष चंद्र बोस किसी क्षेत्र विशेष या पार्टी के नहीं बल्कि वे हर देशवासी के दिल में हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में नेताजी का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता।
नेताजी को याद कर रो पड़ते थे पिताजी : केके शारदा
मेरे पिताजी भारत छोड़ो आंदोलन में जेल भी गए। तब के दौर की जब भी चर्चा होती थी तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में बात करते हुए वह रो पड़ते थे। कहते थे कि उन्हें गांधी जी और शहीद भगत सिंह जी के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन अफसोस इसी तरह का सौभाग्य उन्हें आजाद हिंद फौज में नहीं मिल पाया। यह कहना है स्वतंत्रता सेनानी एमके शारदा के बेटे केके शारदा का।
उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस आज भी देश के हर व्यक्ति के दिल पर राज करते हैं। वे हर दिल अजीज थे। 23 जनवरी को हम सभी ने नेताजी की 125वीं जयंती मनाई, लेकिन हम यहीं तक सीमित रह जाते हैं। नेताजी ने देश के लिए जो किया उसे भुलाया नहीं जा सकता। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा... यह नारा हर हिंदुस्तानी का मूल मंत्र बन गया।
आज के युवा को उन्हें हर दिन याद करना चाहिए। चंडीगढ़ स्वतंत्रता सेनानी एसोसिएशन उत्तराधिकारी के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि नेताजी के बताए मार्ग पर चलें। रास्ता कठिन है, लेकिन अच्छा लगेगा। हम सभी को नेताजी के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। नेताजी नहीं चाहते थे कि धर्म, जातियां, भाषा और क्षेत्र के नाम पर झगड़ा हो। हम सब मिलकर रहें। सभी को उनके इच्छा का सम्मान करना चाहिए।