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सरकार सोशल मीडिया को आधार से लिंक कर दे तो फेक न्यूज व साइबर अपराधों में कमी आएगी : उमेश उपाध्याय

Sun, 05 Dec 2021 02:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 02:18 AM IST
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Fake news and cyber crimes will come down if the government links social media with Aadhaar: Umesh Upadhyay
चंडीगढ़। सरकार सोशल मीडिया को आधार नंबर के साथ लिंक कर दे तो फेक न्यूज और साइबर अपराध में तेजी से कमी आएगी सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तियों की जासूसी की जा रही है। सोशल मीडिया अपने उपभोक्ताओं के इमोशन और व्यवहार का अध्ययन कर अपने फायदे के लिए टारगेट कर रहा है। भारत की सभी मीडिया कंपनियों के बराबर का राजस्व केवल गूगल और फेसबुक कमा रही हैं और सब पैसा भारत से बाहर जा रहा है। यह बात पंचनद शोध संस्थान की ओर से पीयू के अंग्रेजी विभाग के ऑडिटोरियम में वार्षिक व्याख्यान में रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड मीडिया के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय कही।
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‘सोशल मीडिया का सामाजिक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया भारत में सामाजिकता को बदल रहा है। यह हमारे अहसास को हमारे जाने बिना बदल रहा है। इंफोटेक और बायोटेक का संबंध समाज के लिए खराब है। सोशल मीडिया के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आम लोगों के माइंड सेट स्टेटस को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी कंपनियों द्वारा सुनियोजित तरीकों से काम किया जा रहा है। मीडिया, अकादमिक और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के माध्यम से भारतीय समाज, संस्कार और सभ्यता को टारगेट किया जा रहा है। अंग्रेज, अंग्रेजी और अंग्रेजीयत को स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया काम कर रहा है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंचनद शोध संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया गेम ऑफ रियालटी है। कोविड में सोशल मीडिया से बहुत से लाइफ को बचाया गया है। फेक न्यूज का सबसे ज्यादा खतरा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में नियंत्रण के बदले स्वनियमन होना चाहिए। संस्थान के निदेशक डॉ. कृष्णचंद पांडेय संस्थान का परिचय कराते हुए कहा कि शोध संस्थान विगत 36 वर्षों से काम कर रहा है। शोध संस्थान के बौद्धिक प्रकोष्ठ के प्रभारी संजय मित्तल ने भी विचार रखे। इस दौरान पत्रिका का भी विमोचन किया गया। शाम को शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. बृजकिशोर कुठियाला के नेतृत्व में आम सभा की बैठक भी आयोजित की गई। शोध संस्थान के महासचिव सीए विक्रम अरोड़ाने सबका आभार जताया।
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