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Chandigarh News: फर्जी इमिग्रेशन कंपनी बना लोगों से ठगे 2.27 करोड़ रुपये, दो काबू

Thu, 08 Jun 2023 02:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 02:38 AM IST
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Fake immigration company duped people of Rs 2.27 crore, two held
चंडीगढ़। साइबर सेल ने फर्जी इमिग्रेशन कंसल्टेंसी कंपनी बनाकर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जालंधर (पंजाब) के सिल्वर हाइट्स ब्लॉक-एफ निवासी कमलजीत सिंह (34) और दीप नगर स्थित रंजीत एन्क्लेव निवासी मनदीप कुमार (37) के रूप में हुई है। कमलजीत गिरोह का मास्टरमाइंड है। आरोपियों के खिलाफ अब तक 15 शिकायतें आईं हैं, जिसमें कुल दो करोड़ 27 लाख 11 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया है।
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सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी साइबर सेल केतन बंसल ने बताया कि पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले भूपिंदर सिंह ने चंडीगढ़ साइबर सेल को सेक्टर-34ए स्थित एएस इमिग्रेशन कंसल्टेंट कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर कंपनी का विज्ञापन देखकर संपर्क किया। इसके बाद चंडीगढ़ पहुंचे और खुद की पहचान अरविंद सिंह के तौर पर बताने वाले कमलजीत सिंह और मनदीप से मिले। उनका आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उनकी बेटी को कनाडा भेजने के लिए वीजा लगवाने और टिकट कराने के नाम पर 20 लाख रुपये ले लिए। जब बताई गई तारीख पर वह बेटी का वीजा व टिकट लेने पहुंचे तो पता चला कि आरोपी कंपनी का दफ्तर बंद कर फरार हो चुके हैं। आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। इसके बाद भूपिंदर ने 23 मई 2022 को इस जालसाजी की शिकायत पुलिस को दी।
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आरोपी इतने शातिर थे कि वह ग्राहकों के ही दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दफ्तर लेते और ठगी कर फरार हो जाते थे। आरोपी कमलजीत सिंह ने अरविंदर सिंह के नाम से सेक्टर-34 में इमीग्रेशन कंपनी खोली थी जबकि अरविंदर सिंह उसका ग्राहक था। उसने खुद विदेश जाने के लिए वीजा के लिए कंपनी को पैसे और अपने दस्तावेज दिए थे। उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपियों ने कंपनी खोल ली थी और बैंक खाता भी खुलवा लिया था। यह खुलासा तब हुआ जब पुलिस अरविंदर को ढूंढते हुए तरनतारन के गांव नौशहरां पनुआं पहुंची थी।
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श्रीगंगानगर को बनाने वाले थे अगला ठिकाना
पकड़े गए आरोपी विदेश भेजने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए अगला ठिकाना राजस्थान के श्रीगंगानगर को बना रहे थे। यहां भी कमलजीत सिंह ने अपने ही एक ग्राहक जिसका नाम रॉबिन था, उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इमिग्रेशन कंपनी खोलने की तैयारी कर ली थी। यहां तक कि रॉबिन के नाम राजस्थान में कुछ बैंक में फर्जी खाते खोलने के लिए आवेदन किए जा चुके थे।

ऑनलाइन सट्टा खेलने के आदी हैं आरोपी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खेलने के आदी हैं। ठगे गए दो करोड़ 27 लाख 11 हजार रुपये आरोपियों ने ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग एप में लगाए थे। पुलिस की टीम ने जब आरोपियों को दबोचने के लिए जालंधर में छापेमारी की तो उनके पास से दो एटीएम कार्ड, 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, आधार कार्ड, पैन कार्ड और जाली आईडी कार्ड बरामद हुए हैं। इसके साथ ही आरोपियों के पास से करीब 15 से 20 लोगों के 10वीं व 12वीं के सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और जाली आईडी कार्ड बरामद किए। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दूसरे आरोपी मनदीप सिंह के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट केस दर्ज है।
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