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अच्छी खबर : पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठाने नहीं जाना होगा पहाड़ी इलाकों में, पठानकोट में मिलेगी सुविधा
Sat, 05 Dec 2020 04:52 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 05 Dec 2020 04:52 PM IST
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पठानकोट में पैराग्लाइडिंग का ट्रायल सफल रहा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पंजाबियों को अब पैराग्लाइडिंग के लिए हिमाचल या अन्य किसी राज्य के पहाड़ी इलाकों में नहीं जाना पड़ेगा। पठानकोट के पहाड़ी एरिया धारकलां में चमरोड़ की पहाड़ियों से जल्द ही पैराग्लाइडिंग की जा सकेगी। यह पंजाब की पहली पैराग्लाइडिंग साइट होगी। शुक्रवार शाम को इसका दूसरा और सफल ट्रायल हुआ। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़ बिलिंग के माहिरों ने इस पर सहमति जता दी है।
पठानकोट को पर्यटक स्थल बनाने की कवायद में इस पैराग्लाइडिंग प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था। प्रोजेक्ट वन विभाग ने तैयार किया था। बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के रेस्क्यू एंड री ट्रेवलिंग के इंचार्ज कर्णवीर सिंह और पायलट हरदेव ठाकुर ने बताया कि यह साइट सभी मानकों पर खरी उतरती है।
टीम दो बार सफल ट्रायल कर चुकी है। चमरोड़ पत्तन पैराग्लाइडिंग के लिए हर लिहाज से उपयुक्त व सुरक्षित है। अभी तक पैराग्लाइडिंग के शौकीनों को हिमाचल के कांगड़ा के बीड़ बिलिंग व मनाली के सोलंग नाला जाना पड़ता था। अब पठानकोट भी विकल्प बनेगा। इससे पठानकोट के पर्यटन को नया बूस्ट मिलेगा।
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दिखेगा शिवालिक की पहाड़ियों का दिलकश नजारा
पठानकोट का धार क्षेत्र शिवालिक की पहाड़ियों से घिरा है। धार में चमरोड़ पत्तन स्थान रणजीत सागर झील से घिरा है, जहां साल भर पानी रहता है। इसके एक तरफ पहाड़ी है और दूसरी तरफ समतल क्षेत्र। 700 मीटर से ज्यादा ऊंचाई होने के कारण पहाड़ी से टेकऑफ लिया जा सकता है और निचला इलाका समतल होने के कारण लैंडिंग भी सुरक्षित है। आसमान से झील व शिवालिक का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा चमरोड़ से 30 किलोमीटर दूरी डलहौजी है, जहां सालभर पर्यटकों का तांता लगा रहता है।
पठानकोट सिटी से 30 किमी. दूर है चमरोड़ पत्तन
पठानकोट सिटी चमरोड़ पत्तन की दूरी महज 30 किलोमीटर है। इस साइट को टूरिस्ट स्पॉट बनाने का जिम्मा वन विभाग ने लिया है। उन्होंने साइट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चार नेचर हट्स बनाई है। डीएफओ डॉ. संजीव तिवारी का कहना है कि प्राइवेट बोटिंग, जारबिंग बाल व नेचर ट्रेल की सुविधा भी मिलेंगी। फिलहाल पैराग्लाइडिंग के शुल्क पर कोई फैसला नहीं हुआ। डीएफओ का कहना है कि खुशी की बात है कि पंजाब में पहली पैराग्लाइडिंग साइट पठानकोट में चुनी गई। जल्द ही इस साइट को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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पठानकोट को पर्यटक स्थल बनाने की कवायद में इस पैराग्लाइडिंग प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था। प्रोजेक्ट वन विभाग ने तैयार किया था। बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के रेस्क्यू एंड री ट्रेवलिंग के इंचार्ज कर्णवीर सिंह और पायलट हरदेव ठाकुर ने बताया कि यह साइट सभी मानकों पर खरी उतरती है।
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टीम दो बार सफल ट्रायल कर चुकी है। चमरोड़ पत्तन पैराग्लाइडिंग के लिए हर लिहाज से उपयुक्त व सुरक्षित है। अभी तक पैराग्लाइडिंग के शौकीनों को हिमाचल के कांगड़ा के बीड़ बिलिंग व मनाली के सोलंग नाला जाना पड़ता था। अब पठानकोट भी विकल्प बनेगा। इससे पठानकोट के पर्यटन को नया बूस्ट मिलेगा।
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दिखेगा शिवालिक की पहाड़ियों का दिलकश नजारा
पठानकोट का धार क्षेत्र शिवालिक की पहाड़ियों से घिरा है। धार में चमरोड़ पत्तन स्थान रणजीत सागर झील से घिरा है, जहां साल भर पानी रहता है। इसके एक तरफ पहाड़ी है और दूसरी तरफ समतल क्षेत्र। 700 मीटर से ज्यादा ऊंचाई होने के कारण पहाड़ी से टेकऑफ लिया जा सकता है और निचला इलाका समतल होने के कारण लैंडिंग भी सुरक्षित है। आसमान से झील व शिवालिक का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा चमरोड़ से 30 किलोमीटर दूरी डलहौजी है, जहां सालभर पर्यटकों का तांता लगा रहता है।
पठानकोट सिटी से 30 किमी. दूर है चमरोड़ पत्तन
पठानकोट सिटी चमरोड़ पत्तन की दूरी महज 30 किलोमीटर है। इस साइट को टूरिस्ट स्पॉट बनाने का जिम्मा वन विभाग ने लिया है। उन्होंने साइट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चार नेचर हट्स बनाई है। डीएफओ डॉ. संजीव तिवारी का कहना है कि प्राइवेट बोटिंग, जारबिंग बाल व नेचर ट्रेल की सुविधा भी मिलेंगी। फिलहाल पैराग्लाइडिंग के शुल्क पर कोई फैसला नहीं हुआ। डीएफओ का कहना है कि खुशी की बात है कि पंजाब में पहली पैराग्लाइडिंग साइट पठानकोट में चुनी गई। जल्द ही इस साइट को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।