एफ बार गोलीकांड में चंडीगढ़ पुलिस को झटका, वकील को फटकार, मालिक की जमानत मंजूर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 27 Nov 2018 11:25 AM IST
विज्ञापन
एफ बार गोलीकांड
एफ बार गोलीकांड

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
एफ बार गोलीकांड में यूटी पुलिस को अदालत से झटका लगा है। मामले में गिरफ्तार बार के मालिक गुणकरण सिंह को जमानत मिल गई है। सरकारी पक्ष जमानत याचिका के विरोध में कोई दमदार तथ्य पेश नहीं कर सके, जिसका नतीजा यह रहा कि जज बरजिंद्रपाल सिंह की कोर्ट ने पचास हजार के जमानती बांड पर उन्हें जमानत दे दी। साथ ही जज ने अदालत में सरकारी वकील को फटकार भी लगाई कि यह केस आपके बस के बाहर है। सांसद किरण खेर के राजनीतिक सलाहकार सहदेव सलारिया की एफ बार में आयोजित बर्थडे पार्टी में हुई गोलीबारी का मामला सिटी में चर्चा का विषय बना है। सोमवार को आरोपी गुणकरण सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।
विज्ञापन

बचाव पक्ष
कार्यवाही के दौरान पहले बचाव पक्ष के वकील तरमिंदर सिंह ने जमानत के पक्ष में दलील दी कि उनके मुवक्किल गुणकरण सिंह पर पुलिस ने आईपीसी-307 नहीं, बल्कि धारा188 व 201 में केस दर्ज किया है, जो कि जमानती धाराएं हैं। उन्होंने कहा कि गुणकरण मौका-ए-वारदात पर करीब दो बजे पहुंचे थे। गुणकरण सिंह ने सबूतों से भी कोई छेड़छाड़ नहीं की है। गुणकरण का पांचों आरोपियों से संबंध होने का भी कोई सबूत नहीं है। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए।
सरकारी पक्ष
इसके विरोध में सरकारी वकील ने कहा कि यह मामला आईपीसी की धारा 307 के तहत दर्ज है। मामले के पांच अन्य आरोपी भी फरार हैं। यदि जमानत दी जाती है तो आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

बचाव पक्ष
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि गुणकरण के घर की सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में जमा कराई जा चुकी है, जिससे यह साबित होता है कि वारदात के समय गुणकरण बार में नहीं अपने घर में थे। साथ ही यह भी कहा कि पुलिस ने मौका ए वारदात पर मौजूद सहदेव सलारिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

बचाव पक्ष ने कहा- सहदेव सलारिया ने पुलिस से बोला झूठ
बचाव पक्ष के वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि पार्टी ऑर्गेनाइजर सहदेव सलारिया थे। सलारिया ने पुलिस से झूठ बोला कि वह मौके पर मौजूद नहीं था जबकि सीसीटीवी फुटेज में वह बार में ही मौजूद दिख रहा है। वकील ने यह भी कहा कि झूठा बयान देने के बावजूद पुलिस ने सहदेव सलारिया के खिलाफ  कार्रवाई नहीं की। जबकि गुणकरण सिंह को निराधार तरीके से गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट ने सरकारी वकील को केस समझने के लिए दिया आधे घंटे का समय
कार्यवाही के बीच में अदालत ने सरकारी वकील को आधे घंटे का समय दिया ताकि वह पुलिस की ओर से तैयार कि गए केस को अच्छी तरह समझकर बहस कर सकें। इसके बाद सवा चार बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो सरकारी वकील ने फिर से धारा 307 का हवाला दिया तो बचाव पक्ष ने कहा कि कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश न करें। गुणकरण के खिलाफ 307 के तहत कोई सुबूत है तो अदालत में पेश करें। इसके बाद जज ने सरकारी वकील को हिदायत दी कि इस अदालत में उलझे हुए केस आते हैं। आधे घंटे का समय देने के बावजूद आपने पुलिस का रिप्लाई सही तरीके से नहीं पढ़ा। यह आपके बस के बाहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us