Punjab: पंजाब से लगातार घट रहा निर्यात, लेबर और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी बड़ा कारण, किसान आंदोलन का भी असर
फियो के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल का कहना है कि पंजाब से निर्यात धीमा हो रहा है, जबकि अप्रैल से जुलाई 2022 की अवधि के दौरान भारत के कुल निर्यात में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पंजाब से निर्यात केवल 10 प्रतिशत बढ़ा है।
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देश में टेक्सटाइल, फैब्रिक, ऑटो पार्ट और अनाज आदि के उत्पादन के बड़े हब के रूप में विकसित हो चुके पंजाब से निर्यात लगातार घट रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो भारत के कुल निर्यात के मुकाबले में पंजाब कहीं पीछे जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) की बैठक में इसका खुलासा हुआ है। निर्यात घटने की बड़ी वजह राज्य में बढ़ती श्रम लागत और घटते कामगारों के अलावा पिछले वर्ष हुए किसान आंदोलन को भी माना जा रहा है।
पंजाब के लुधियाना से वूलन गारमेंट, कॉटन यार्न यानी सूती धागे के अलावा फैब्रिक, बाइसाइकिल और ऑटो पार्ट ट्रेनों के जरिये ड्राई पोर्ट तक पहुंचाया जाता है, जहां से इसे विदेशों के लिए निर्यात किया जाता है। फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन की लुधियाना में पिछले हफ्ते आयोजित एक बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई है। साथ ही यहां से निर्यात बढ़ाने के उपायों पर फियो ने मंथन शुरू किया है।
फियो के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल का कहना है कि पंजाब से निर्यात धीमा हो रहा है, जबकि अप्रैल से जुलाई 2022 की अवधि के दौरान भारत के कुल निर्यात में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पंजाब से निर्यात केवल 10 प्रतिशत बढ़ा है। कुशल कामगारों की भारी कमी और विदेशी बाजारों के बारे में जानकारी के अभाव के चलते निर्यात की कमी आई है। वहीं, फियो के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रलहन ने बताया कि निर्यात के घटते आंकड़ों को देखते हुए संघ की ओर से भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें पंजाब में बेहतरीन आधारभूत ढांचे के विकास के अलावा अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया है।
दो वर्ष में इस तरह रहा निर्यात
माह 2019 2020 (आंकड़े करोड़ में )
सितंबर 7,997 10,001
अक्तूबर 8,600 4,720
नवंबर 4,108 2,942
विदेश व्यापार महानिदेशक ने साझा किए विचार
फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन ने बीते दिनों लुधियाना में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी के साथ निर्यात से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया। बैठक में प्रमुख व्यवसायियों ने प्रस्तावित निर्यात-आयात नीति के बारे में जानकारी दी और उनके सामने आने वाली समस्याओं को भी साझा किया। संतोष कुमार ने कहा कि भारतीय निर्यातकों ने चालू वर्ष में कुल निर्यात लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो कि 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। अगले कुछ वर्षों के दौरान 1,000 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य भी हासिल होने की उम्मीद है। बैठक में सीजीएसटी लुधियाना के प्रधान आयुक्त विकास कुमार, कमिश्नर ऑफ कस्टम्स लुधियाना वृंदाबा गोहिल ने विचार साझा किए।